ई-केवाईसी नहीं:मंत्री-विधायक समेत 83 हजार लोगों के गैस कनेक्शन ब्लॉक
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →जब तक कनेक्शन ब्लॉक, तब तक 5 या 10 किलो का सिलेंडर लेना होगा, पूरे प्रदेश में 23.92 लाख की ई-केवाईसी पेंडिंग है सिलेंडर क्यों नहीं दे रहे... जानते नहीं हो क्या मुझे?
गुरुवार को भोपाल की गैस एजेंसियों पर कुछ ऐसे ही फोन कॉल्स पहुंचे। फोन करने वालों में से किसी ने खुद को विधायक, किसी ने पूर्व विधानसभा स्पीकर तो किसी ने मंत्री तक बताया। हालांकि,कर्मचारियों ने उन्हें जानकारी दी कि केवाईसी न होने से कनेक्शन ब्लॉक हो गया है। इस पर सिलेंडर नहीं मिल सकता।
दरअसल, तीनों तेल कंपनियों ने 1 अक्टूबर से ई-केवाईसी नहीं होने वाले रसोई गैस कनेक्शन ब्लॉक करना शुरू कर दिया है। इसकी जद में दो कनेक्शन रखने की पात्रता वाले माननीयों के साथ भोपाल के करीब 83 हजार उपभोक्ता भी हैं। प्रदेश में 23.92 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी बाकी हैं। कनेक्शन ब्लॉक होने पर ऑनलाइन बुकिंग और रिफिल की होम डिलीवरी नहीं होगी।
तत्काल जरूरत है तो बाजार भाव पर उपलब्ध 5 या 10 किलो का सिलेंडर लेना पड़ेगा। नियमित घरेलू कनेक्शन से सिलेंडर लेने के लिए पहले ई-केवाईसी पूरी कराकर कनेक्शन चालू कराना होगा। एजेंसी संचालकों के मुताबिक एक आधार से एक ही कनेक्शन की ई-केवाईसी हो सकती है। यही वजह है कि दो कनेक्शन वाले उपभोक्ता भी कार्रवाई के दायरे में आ रहे हैं।
समाधान...
ई-केवाईसी करते ही खुल जाएगा कनेक्शन कनेक्शन ब्लॉक हुआ तो क्या सिलेंडर बुक कर सकेंगे?
नहीं। न ऑनलाइन बुकिंग होगी न ऑफलाइन। सिलेंडर की होम डिलीवरी भी नहीं मिलेगी। फिर खाना बनाने के लिए तुरंत गैस कहां से मिलेगी? बाजार भाव पर उपलब्ध 5 या 10 किलो का सिलेंडर लेना पड़ेगा। कनेक्शन कैसे चालू होगा?
गैस कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक ई-केवाईसी पूरी करानी होगी। इसके बाद कनेक्शन खुलवाया जा सकेगा। ई-केवाईसी कहां और कैसे होगी, क्या दस्तावेज लगेंगे?
इंडियनऑयल वन, हेलोबीपीसीएल या एचपी पे एप से आधार फेस ऑथेंटिकेशन कर सकते हैं। इसके लिए आधार फेसआरडी एप जरूरी है। एजेंसी या सिलेंडर डिलीवरी के समय बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन भी कराया जा सकता है। दो कनेक्शन हैं तो क्या होगा?
एजेंसी संचालकों के मुताबिक एक आधार से एक ही कनेक्शन की ई-केवाईसी हो सकती है। इसलिए एक कनेक्शन बंद करना हो सकता है। क्या सांसद-मंत्री-विधायक भी इस दायरे में आए हैं?
हां। दो कनेक्शन रखने की पात्रता वाले लोकसभा-राज्यसभा सांसद, मंत्री-विधायक भी इससे प्रभावित हुए हैं। ई-केवाईसी लंबित होने पर उन्हें भी प्रक्रिया पूरी करानी होगी। आखिर यह सख्ती क्यों?
ई-केवाईसी 30 जून 2026 से चल रही है। करीब 8 बार तारीख बढ़ाई गई और संदेश भी भेजे गए। कंपनियों को आशंका है कि लंबित कनेक्शनों में कुछ ऐसे भी हो सकते हैं जिनका अब इस्तेमाल नहीं हो रहा। भोपाल : 7.07 लाख में 83 हजार की ई-केवाईसी बाकी आईओसीएल: 4.30 लाख में 3.75 लाख पूरी 55 हजार बाकी बीपीसीएल: 1.56 लाख में 1.44 लाख पूरी 12 हजार बाकी एचपीसीएल: 1.21 लाख में 1.05 लाख पूरी 16 हजार बाकी 1 अक्टूबर से ई-केवाईसी लंबित कनेक्शन ब्लॉक हुए।
📡 स्रोत: NewsData.io