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खाद की डिलीवरी लागत बढ़ने से दुकानदारों में आक्रोश, नई खेप नहीं उठाने का लिया फैसला

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
खाद की डिलीवरी लागत बढ़ने से दुकानदारों में आक्रोश, नई खेप नहीं उठाने का लिया फैसला

खाद की आपूर्ति और डिलीवरी लागत को लेकर जिले के खुदरा उर्वरक दुकानदारों ने सामूहिक विरोध का फैसला लिया है। बुधवार को बांका में रिटेल फर्टिलाइजर एंड फार्मर्स वेलफेयर फाउंडेशन के बैनर तले हुई बैठक में विभिन्न प्रखंडों से 150 से अधिक दुकानदार शामिल हुए। दुकानदारों ने कहा कि रैक से गोदाम तक खाद पहुंचाने की वास्तविक लागत सरकार की ओर से निर्धारित डिलीवरी दर से अधिक पड़ रही है।

इससे निर्धारित बिक्री दर पर खाद बेचने में उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। दुकानदारों ने निर्णय लिया कि जब तक सरकार डिलीवरी लागत और आपूर्ति व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं करती, जिले का कोई भी खुदरा दुकानदार खाद की नई खेप नहीं उठाएगा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी को आवेदन दिया जा चुका है। अन्य प्रखंडों में भी जल्द आवेदन दिया जाएगा।

यह जानकारी जिला उर्वरक संघ के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने दी। दुकानदारों ने बताया कि किसानों के लिए यूरिया की निर्धारित बिक्री दर 266 रुपए है। उनका कहना है कि वे सरकारी दर पर ही खाद उपलब्ध कराना चाहते हैं, लेकिन अधिक परिवहन लागत के कारण निर्धारित मार्जिन प्रभावित हो रहा है। जिला उर्वरक अध्यक्ष चुने गए भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बांका जिले में खाद की रैक नवगछिया और जमुई से पहुंचती है।

इसके बाद खाद को अलग-अलग दुकानदारों के गोदाम तक पहुंचाने में परिवहन समेत कई अतिरिक्त खर्च जुड़ जाते हैं। दुकानदारों का दावा है कि सरकार की ओर से गोदाम तक यूरिया पहुंचाने के लिए करीब 242 रुपए की डिलीवरी दर निर्धारित है, जबकि वास्तविक खर्च बढ़कर करीब 300 से 325 रुपए तक पहुंच रहा है। दुकानदारों के अनुसार, अन्य प्रकार की खाद में भी सरकारी निर्धारित दर और वास्तविक लागत के बीच अंतर है।

इसके अलावा ट्रक से खाद उतरवाने में करीब चार रुपए प्रति बोरी का खर्च भी दुकानदारों को ही उठाना पड़ता है। संघ ने कहा कि दुकानदारों को सरकारी नियमों के अनुसार खाद की बिक्री और वितरण करने का अवसर मिलना चाहिए। निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग संघ की बैठक में तय किया कि मांग पूरी होने तक कोई भी खुदरा दुकानदार नई खेप की खाद नहीं उठाएगा।

दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसानों को निर्धारित दर पर खाद मिले और खुदरा दुकानदारों को भी वास्तविक लागत के बाद उचित मार्जिन मिल सके।बैठक के दौरान संघ की जिला कमेटी का गठन किया गया। भानु प्रताप सिंह को जिला उर्वरक अध्यक्ष और रंजीत डोकनिया को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके साथ ही विभिन्न प्रखंडों में भी अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

प्रखंड अध्यक्ष के रूप में बांका से विश्वजीत शाह, अमरपुर से निरंजन कुशवाहा, फुल्लीडुमर से विवेक यादव, शंभूगंज से विपिन ठाकुर, कटोरिया से भोला प्रसाद यादव, चंदन से शिवप्रसाद यादव, बेलहर से चंद्रशेखर पांडे, बौंसी से उपेंद्र पंजियारा, बाराहाट से बृजेश सिंह, धोरैया से संजय चौरसिया आदि को जिम्मेदारी दी गई।

आवेदन मिलने कार्रवाई करेंगे ^इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर उर्वरक दुकानदारों द्वारा आवेदन दिया जाएगा, तो आवश्यक पहल की जाएगी। त्रिपुरारी शर्मा, जिला कृषि पदाधिकारी, बांका

📡 स्रोत: NewsData.io

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