खाद किल्लत के बीच प्रशासन का औचक निरीक्षण
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अक्टूबर में 15 हजार मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत, अब तक 3374 मीट्रिक टन पहुंचा, यूरिया की 15 हजार मीट्रिक टन आपूर्ति
बारां,6 अक्टूबर। जिले में खाद की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिलेभर में खाद विक्रेताओं की दुकानों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। कृषि विभाग ने निजी विक्रेताओं और सहकारी समितियों को निर्धारित दर पर खाद वितरित करने तथा किसी भी तरह का अटैचमेंट नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक के अनुसार अक्टूबर माह में जिले को 15 हजार मीट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता है। अब तक 3374 मीट्रिक टन डीएपी जिले में पहुंच चुका है। आगामी एक सप्ताह में कृभको, इफको और आईपीएल से करीब 3 हजार मीट्रिक टन डीएपी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद अगले सप्ताह भी करीब 3 हजार मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति होने की संभावना है। वहीं अक्टूबर माह में जिले की यूरिया की मांग 20 हजार मीट्रिक टन है, जिसमें से अब तक 15 हजार मीट्रिक टन यूरिया जिले को मिल चुका है। चंबल फर्टिलाइजर की ओर से प्रतिदिन करीब 300 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की जा रही है।
खाद वितरण में अनियमितताओं और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामावतार मीणा और कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में टीमें लगातार खाद दुकानों एवं गोदामों का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों ने विक्रेताओं को तय दर पर ही खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने या खाद की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीएपी की उपलब्धता को देखते हुए फिलहाल किसानों को प्रति नकल अधिकतम पांच कट्टे तक खाद वितरित की जा रही है। प्रशासन ने किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही खाद खरीदने तथा किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।
बाइट01- राजेश विजय, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, बारां
बाइट02- रामावतार मीणा , अतिरिक्त जिला कलेक्टर।