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खड़े हनुमान के दर्शन के लिए पहुंचे 8 हजार भक्त:रील्स हो रहीं वायरल; उज्जैन प्रशासन बोला- प्रतिमा हटाने का एक भी प्रयास नहीं किया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
खड़े हनुमान के दर्शन के लिए पहुंचे 8 हजार भक्त:रील्स हो रहीं वायरल; उज्जैन प्रशासन बोला- प्रतिमा हटाने का एक भी प्रयास नहीं किया

उज्जैन के सती गेट के पास स्थित प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई से जुड़े वीडियो वायरल हो रहे हैं। प्रतिमा के चमत्कारिक रूप से नहीं हटने की कहानियां भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही हैं। इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत कई प्लेटफॉर्म पर प्रतिमा के जस की तस खड़े रहने के वीडियो ट्रेंड कर रहे हैं।

इन रील्स को देखने के बाद पिछले चार दिनों में करीब 8 हजार से ज्यादा भक्त मंदिर पहुंच चुके हैं। इनमें मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के श्रद्धालु भी शामिल हैं। कई भक्त मंदिर में दर्शन करने के साथ प्रतिमा की रील बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। इसके चलते खड़े हनुमान से जुड़े वीडियो लगातार ट्रेंड कर रहे हैं।

प्रतिमा को लेकर प्रशासन की ओर से सावधानी बरती जा रही है। करीब एक सप्ताह से मंदिर के आसपास का ज्यादातर हिस्सा तोड़ा जा चुका है, जबकि हनुमानजी की प्रतिमा फिलहाल टेंट में विराजमान है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग कर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। पहले समझिए मामला क्या है… IIT इंदौर की टीम फिर करेगी जांच प्रतिमा को हटाने के प्रयासों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच IIT इंदौर की टीम सोमवार को मंदिर पहुंची थी।

टीम ने मंदिर में जांच की थी। अब टीम गुरुवार को एक बार फिर खड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर जांच करेगी। सती गेट के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में उन्होंने मंदिर में इतनी भीड़ नहीं देखी। अब लोग लंबी कतारों में लगकर दर्शन कर रहे हैं। प्रतिमा को विस्थापित किए जाने की चर्चा के बीच अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।

नासिक से आए अनिल ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर खड़े हनुमान की रील देखी थी। इसके बाद वे दर्शन करने आए हैं और यहां से रील बनाकर ले जाएंगे। नागपुर से आए महेश टिचकुले ने कहा कि वे दो दिन से सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर हनुमानजी से जुड़ी खबरें देख रहे थे। इसके बाद उन्होंने उज्जैन आने का फैसला किया।

राजस्थान के अजमेर से आए सुशील खंडेलवाल ने बताया कि वे महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आए थे। घर पर रील देखते समय खड़े हनुमान मंदिर के बारे में पता चला तो यहां दर्शन करने पहुंच गए। प्रशासन बोला- प्रतिमा हटाने का कोई प्रयास नहीं हुआ करीब एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बाद बुध

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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