खेत में मवेशी घुसने पर ग्रामीण-चरवाहों में खूनी संघर्ष:एक चरवाहे के कमर में घुसा तीर, दो ग्रामीणों का हाथ-कमर फ्रैक्चर
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →कोरबा के कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज के साल्हिभाठा गांव में भेड़ और घोड़े चराने को लेकर ग्रामीणों और बाहरी चरवाहों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चरवाहों के लाठी से हमले में दो ग्रामीण घायल हुए, जबकि एक ग्रामीण के चलाए तीर से चरवाहा घायल हो गया।
घटना के बाद वन विभाग ने अवैध चराई का मामला दर्ज किया है। करीब एक सप्ताह पहले कवर्धा, बिलासपुर, बेमेतरा और मुंगेली जिले से करीब आधा दर्जन चरवाहे साल्हिभाठा इलाके में पहुंचे थे। उनके साथ 650 से ज्यादा भेड़, बकरी और घोड़े हैं। चरवाहे दो दिन जंगल में रहने के बाद गांव के बाहर तंबू लगाकर रह रहे थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से उनके मवेशी खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे। खेत में मवेशी घुसने पर शुरू हुआ विवाद मंगलवार सुबह गंगादीन मरकाम (52) ने अपने खेत में मवेशियों के घुसने पर आपत्ति जताई। इस दौरान उनकी चरवाहों से बहस हुई। सुबह करीब 9 बजे गंगादीन अपने साथी अर्जुन उड़के के साथ खेत की ओर जा रहे थे।
रास्ते में उनका सामना फिर चरवाहों से हो गया। लाठी से हमला, दो ग्रामीण घायल विवाद बढ़ने पर चरवाहों ने गंगादीन और अर्जुन पर लाठियों से हमला कर दिया। दोनों घायल हो गए। हमले में एक ग्रामीण की कमर और दूसरे के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। दोनों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में चल रहा है।
जवाब में ग्रामीण ने चलाया तीर, चरवाहे की कमर में लगा मारपीट के दौरान घायल गंगादीन ने धनुष से तीर चला दिया। तीर कबीरधाम जिले के भानपुर गांव के चरवाहे लीलाधर की कमर में जा घुसा। घायल लीलाधर को कटघोरा CHC में भर्ती कराया गया है। जंगल में भेड़ चराने पर रोक, फिर भी चराई का आरोप वन विभाग ने जंगल में भेड़ चराने पर रोक लगा रखी है।
विभाग के अनुसार, भेड़ें पौधों को जड़ से नुकसान पहुंचाती हैं। इसके बावजूद इलाके में चराई जारी थी। घटना के बाद वन परिक्षेत्राधिकारी नरेंद्र डोंडे के निर्देश पर वन विभाग ने अवैध चराई का मामला दर्ज किया और चरवाहों को नोटिस जारी किया।
📡 स्रोत: NewsData.io