खोले के हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव की धूम
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जयपुर के प्रसिद्ध श्री खोले के हनुमान मंदिर में रूप चतुर्दशी एवं हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान हनुमान का गंगाजल से स्नान करवाकर तेला अभिषेक किया गया। इसके बाद सिंदूर का चौला चढ़ाकर चांदी की पोशाक धारण कराई गई और छप्पन भोग की भव्य झांकी सजाई गई। भक्तों की ओर से भगवान को 41 पोशाकें भी धारण कराई गईं। मंदिर परिसर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ आयोजित हुए। वहीं दीपावली के अवसर पर मंदिर को आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है। 8 नवंबर को 5100 मिट्टी के दीपक प्रज्वलित कर दीपोत्सव मनाया जाएगा। इसके साथ ही लक्ष्मी पूजन और आतिशबाजी भी होगी।
जयपुर, 8 नवंबर। छोटी काशी जयपुर के प्रसिद्ध श्री खोले के हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव और रूप चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान हनुमान का गंगाजल से स्नान करवाकर तेला अभिषेक किया गया। इसके बाद सिंदूर का चौला चढ़ाकर चांदी की पोशाक धारण कराई गई और छप्पन भोग की मनमोहक झांकी सजाई गई।
भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मंदिर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ भी हुए। वहीं दीपावली को लेकर मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। 5100 मिट्टी के दीपकों से मंदिर परिसर को रोशन करने की तैयारी है। भक्ति का उल्लास... मंत्रोच्चार की गूंज और जय श्रीराम के जयकारों से गूंजता मंदिर परिसर।
यह नजारा है जयपुर के प्रसिद्ध श्री खोले के हनुमान मंदिर का, जहां रूप चतुर्दशी एवं हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया।
इस विशेष अवसर पर सुबह से ही मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया। भगवान हनुमान जी महाराज का गंगाजल से विधिवत स्नान करवाया गया और तेला अभिषेक किया गया। इसके बाद बजरंगबली को सिंदूर का चौला अर्पित कर आकर्षक चांदी की पोशाक धारण कराई गई। भगवान के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
मंदिर में पहुंचे भक्तों ने दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में भगवान की विशेष झांकी सजाई गई। चांदी की पोशाक से सुसज्जित बजरंगबली को छप्पन भोग अर्पित किया गया। तरह-तरह के व्यंजनों से सजी भोग झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
श्री नरवर आश्रम सेवा समिति के अध्यक्ष गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि रात्रि में भगवान हनुमान जी महाराज को नए धान, बाजरा, मूंग, चौला सहित विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। वहीं समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भक्तों की ओर से भगवान को 41 पोशाकें धारण कराई गईं।
श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भक्ति संगीत और सामूहिक पाठ का भी आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने एक साथ सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों और जयकारों के बीच श्रद्धालु बजरंगबली की आराधना करते नजर आए। मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ और धार्मिक गतिविधियों ने पूरे परिसर को भक्ति के रंग में रंग दिया।
इस दौरान मंदिर प्रबंधन और श्री नरवर आश्रम सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। वहीं दीपावली के पर्व को लेकर भी श्री खोले के हनुमान मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है। दीपावली के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप देने की तैयारी की गई है।
श्री नरवर आश्रम सेवा समिति के अनुसार 8 नवंबर को दीपावली के दिन मंदिर परिसर में 5100 मिट्टी के दीपक प्रज्वलित कर भव्य दीपोत्सव मनाया जाएगा। शाम को लक्ष्मी पूजन के साथ आतिशबाजी का कार्यक्रम भी आयोजित होगा। मिट्टी के हजारों दीपकों की रोशनी से मंदिर परिसर को जगमग करने की तैयारी है। इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
दीपावली के बाद भी मंदिर में धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा। 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाईदूज का उत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से मंदिर में दीपावली पर्व को पारंपरिक और धार्मिक स्वरूप में मनाने की तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, श्री खोले के हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव और रूप चतुर्दशी का आयोजन भक्ति, आस्था और उल्लास का संगम बना। चांदी की पोशाक, छप्पन भोग और सामूहिक सुंदरकांड पाठ ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। अब दीपावली पर 5100 दीपकों की रोशनी से मंदिर परिसर को जगमग करने की तैयारियां हैं।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
श्री खोले के हनुमान मंदिर में रूप चतुर्दशी एवं हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन हुआ, जहाँ भक्तों ने गंगाजल से स्नान, तेला अभिषेक, चांदी की पोशाक और 41 पोशाकें भगवान के लिए धारण कराई। यह कार्यक्रम मंदिर की धार्मिक परंपरा को उजागर करता है और भक्तों के बीच एकजुटता और भक्ति का माहौल बनाता है। इस तरह के बड़े उत्सव से स्थानीय पर्यटन बढ़ता है, आर्थिक गतिविधियाँ प्रोत्साहित होती हैं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होता है। लोगों को आध्यात्मिक संतोष मिलता है और सामुदायिक समरसता को बढ़ावा मिलता है।