विदेश

खुदरा चीनी की कीमतों में लगभग 10% की गिरावट

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
खुदरा चीनी की कीमतों में लगभग 10% की गिरावट

सितंबर 18, नई दिल्ली: सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा 15 दिनों की चीनी भंडारण सीमा को बढ़ाकर 30 दिन करने का निर्णय लिया है। खुले बाजार से खरीद के लिए स्टॉक रखने की सीमा अपरिवर्तित रहेगी और केवल 15 दिनों की खपत तक ही सीमित रहेगी।सरकार ने थोक उपभोक्ताओं द्वारा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल @https://foodstock.dfpd.gov.in/ के माध्यम से प्रत्येक शुक्रवार को चीनी स्टॉक की घोषणा और साप्ताहिक जानकारी के लिए एक तंत्र भी स्थापित किया है।सरकार ने चीनी के प्रमुख थोक उपभोक्ताओं के साथ विस्तृत परामर्श किया है।

वर्तमान में उत्पादन, उपभोग या उपयोग के लिए कच्चे माल के रूप में प्रति माह 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उपयोग करने वाले थोक उपभोक्ताओं को 15 दिनों से अधिक की अवधि के लिए चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति है।थोक उपभोक्ताओं ने सुझाव दिया है कि मौजूदा सीमा को विशेष रूप से आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए बढ़ाया जाए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उन्हें अग्रिम स्‍वीकृति योजना और शुल्‍क दर कोटा के तहत आयातित चीनी रखने वाले आयातकों से सीधे चीनी खरीदने की अनुमति दी जाए।सोर्स- PIB

💡 पृष्ठभूमि (Background)

खुदरा चीनी की कीमतों में लगभग 10% की गिरावट का विषय है, जिसे सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए भंडारण सीमा बढ़ाकर 30 दिन करने के साथ संबोधित किया है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे खाद्य स्टॉक प्रबंधन में लचीलापन आता है और बाजार में चीनी की आपूर्ति स्थिर रहती है, जिससे कीमतों पर नियंत्रण संभव होता है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक है: चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी, मूल्य स्थिर रहेगा, और उपभोक्ताओं को अनावश्यक भंडारण लागत से राहत मिलेगी। इससे खाद्य सुरक्षा और आर्थिक संतुलन में सुधार की उम्मीद है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।