राजनीति

किसानों को 10 घंटे बिजली देने के वादे पर सवाल, कई क्षेत्रों में कटौती से सिंचाई प्रभावित: जीतू पटवारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
किसानों को 10 घंटे बिजली देने के वादे पर सवाल, कई क्षेत्रों में कटौती से सिंचाई प्रभावित: जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को सिंचाई के लिए प्रतिदिन 10 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था, लेकिन प्रदेश के कई क्षेत्रों में किसानों को मुश्किल से दो घंटे बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि अनियमित आपूर्ति के कारण किसानों के सामने फसलों की सिंचाई का संकट खड़ा हो रहा है और आम उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं और कुछ स्थानों पर 10 घंटे तक बिजली गुल रहने की बात कही जा रही है। उनके अनुसार, बिजली की अनियमित आपूर्ति से ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के साथ घरेलू जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि समय पर बिजली नहीं मिलने से फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है, जिससे पहले से बढ़ती कृषि लागत का सामना कर रहे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को निर्धारित समय के अनुसार बिजली उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली देने का वादा किया गया है, तो इसकी पूर्ति के लिए क्या व्यवस्था की गई है। उन्होंने सरकार से बिजली आपूर्ति में आ रही बाधाओं और अनियमित कटौती के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग की।

पटवारी ने कहा कि बिजली संकट का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को भी बार-बार बिजली कटौती के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में व्यवधान से पेयजल व्यवस्था और दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में सरकार को प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा कर शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनानी चाहिए।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि किसानों को सिंचाई के लिए निर्धारित समय के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने और घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि आवश्यक परिस्थितियों में बिजली कटौती की पूर्व सूचना दी जाए और उसके कारणों की जानकारी उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जाए।

पटवारी ने कहा कि सरकार को बिजली आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट करते हुए किसानों और आम नागरिकों को राहत देने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने किसानों को 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के वादे को पूरा करने और अघोषित कटौती की समस्या का समाधान करने की मांग की।

यह बयान मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। बिजली कटौती की अवधि और प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर मध्य प्रदेश में किसानों को 10 घंटे बिजली देने के वादे पर सवाल उठाती है, जबकि वास्तविकता में कई इलाकों में सिर्फ 2 घंटे ही बिजली मिल रही है। यह विषय बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और कृषि पर उसके प्रभाव से जुड़ा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि बिजली की कमी से सिंचाई में बाधा आती है, जिससे फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। यदि सरकार वादे पर अमल नहीं करती, तो किसानों को पानी की कमी से फसल नुकसान, आय घटने और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा, जो आम जनता के जीवन स्तर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।