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किशाऊ बांध विस्थापितों के हक सुरक्षित रखे जाएंगे, मांगें पूरी होने के बाद ही होगा विस्थापन: सीएम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
किशाऊ बांध विस्थापितों के हक सुरक्षित रखे जाएंगे, मांगें पूरी होने के बाद ही होगा विस्थापन: सीएम

सिरमौर: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल की सीमा पर प्रस्तावित किशाऊ बांध परियोजना से प्रभावित होने वाले लोगों के हितों को सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विस्थापितों की मांगों और अधिकारों का समाधान होने के बाद ही लोगों का विस्थापन किया जाएगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिरमौर के सराहां में राज्यस्तरीय वामन द्वादशी मेले के समापन समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बांध के निर्माण से उत्तराखंड के मुकाबले हिमाचल के कम लोगों का विस्थापन हो रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के हितों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों की मांगों का समाधान करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जल्द इनका भुगतान करेगी।

उन्होंने कहा कि लंबित महंगाई भत्ते यानी डीए की किस्तों का भुगतान भी क्रमबद्ध तरीके से किया जाएगा। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल के दौरान प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपये का खर्च छोड़ने का दावा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से अपेक्षित आर्थिक सहायता नहीं मिलने के बावजूद हिमाचल आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर हिमाचल की आवाज को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से उठाने में नाकाम रहने का आरोप भी लगाया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सराहां में राज्यस्तरीय वामन द्वादशी मेले के समापन समारोह में शिरकत की और करोड़ों रुपये की विकासात्मक योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास किए।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित तीन विधायक मौजूद रहे।

बाइट: सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।