कोडरमा जंक्शन पर पीएम विश्वकर्मा कारीगर को मिला ओएसओपी स्टॉल
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Relevance: Priority Slug: MSME OSOP STALL
Short Headline: कोडरमा जंक्शन पर पीएम विश्वकर्मा कारीगर को मिला ओएसओपी स्टॉल
Synopsis: कोडरमा जंक्शन पर पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत काष्ठ कला कारीगर कृष्ण देव मिस्त्री को पहली बार ओएसओपी स्टॉल मिला, लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री से स्थानीय कारीगरों को मिलेगा बाजार।
Category: Government , Planning , Business , Economy
Deadline : 20 SEPTEMBER, KODERMA
20 सितंबर, कोडरमा: एमएसएमई मंत्रालय की पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड के अंबाबाद निवासी काष्ठ कला कारीगर कृष्ण देव मिस्त्री को एक स्टेशन एक उत्पाद (OSOP) योजना के तहत कोडरमा रेलवे जंक्शन पर स्टॉल उपलब्ध कराया गया है। जिले में पहली बार किसी पीएम विश्वकर्मा कारीगर को इस योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर स्टॉल मिला है।
स्टॉल पर कारीगर द्वारा तैयार लकड़ी के खिलौने, ट्रे, पेन स्टैंड, सजावटी सामान और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शनी और बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। स्टॉल उपलब्ध कराने का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ कारीगर को आत्मनिर्भर बनाना तथा उसके उत्पादों के विपणन और प्रचार-प्रसार में सहयोग करना है।
ग्राहकों की सुविधा के लिए स्टॉल पर BHIM, POS और UPI के माध्यम से डिजिटल भुगतान की व्यवस्था भी की गई है। इस पहल से ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
झारखंड में पीएम विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन के लिए एमएसएमई मंत्रालय, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड और जिला उद्योग केंद्र के समन्वय से कार्य किया जा रहा है। पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर कारीगर कृष्ण देव मिस्त्री ने स्टॉल उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन, रेलवे और संबंधित विभागों के अधिकारियों के प्रति आभार जताया।
इस अवसर पर एमएसएमई विकास कार्यालय धनबाद के सहायक निदेशक सुजीत कुमार, कोडरमा जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक विकास कुमार, कॉमर्शियल सुपरवाइजर धर्मेंद्र, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के जिला उद्यमी समन्वयक श्रीश त्रिपाठी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
कोडरमा जंक्शन पर पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत काष्ठ कला के कारीगर कृष्ण देव मिस्त्री को पहली बार ओएसओपी स्टॉल मिला। यह स्टॉल लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री के लिए है, जिससे स्थानीय कारीगरों को बाजार तक सीधा पहुँच मिलेगी। यह कदम ग्रामीण और शहरी बाजारों में कारीगरों के लिए आय के नए स्रोत खोलता है, जिससे उनकी आजीविका में स्थिरता आएगी। इसके अलावा, यह पहल स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाकर रोजगार के अवसर बढ़ा सकती है। जनता को कारीगरों के उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता का लाभ मिलेगा, जिससे ग्रामी