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कोटा में डेंगू और स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
कोटा में डेंगू और स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ा

कोटा में मौसम में बदलाव के साथ डेंगू और स्क्रब टायफस जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है और घर-घर सर्वे कर मच्छरों के लार्वा की जांच तथा लोगों को जागरूक करने का अभियान चला रहा है।

29 अक्टूबर,कोटा। मौसम में बदलाव के साथ ही कोचिंग नगरी कोटा में डेंगू, स्क्रब टायफस और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। संभावित संक्रमण को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग की ओर से घर-घर सर्वे कर मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। साथ ही लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

इस साल कोटा में डेंगू और स्क्रब टायफस के करीब 300 मामले सामने आने की जानकारी है। मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ नजर आ रही है। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एमबीएस अस्पताल और अन्य चिकित्सा संस्थानों में मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्सा व्यवस्थाओं पर दबाव देखा जा रहा है।

मौसम में बदलाव के साथ बढ़ा बीमारियों का खतरा

मौसम में उतार-चढ़ाव के दौरान मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू जैसी मच्छरजनित बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जागरूकता गतिविधियां तेज कर दी हैं। वहीं, स्क्रब टायफस के संभावित मामलों को देखते हुए भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर आसपास जमा पानी की जांच कर रही हैं। मच्छरों के लार्वा की पहचान करने के साथ ही लोगों को घरों और आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

घर-घर सर्वे कर लार्वा की जांच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा होने वाली जगहों की जांच की जा रही है, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावनाओं को कम किया जा सके। लोगों को कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और अन्य पात्रों में लंबे समय तक पानी जमा नहीं रहने देने की सलाह दी जा रही है। विभाग का उद्देश्य समय रहते संभावित संक्रमण के स्रोतों की पहचान करना और लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करना है।

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या डेंगू सहित अन्य मौसमी बीमारियों के चलते कोटा के अस्पतालों में मरीजों की आवाजाही बढ़ने की जानकारी सामने आई है। संभाग के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और एमबीएस अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ देखी जा रही है।

अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच चिकित्सा सुविधाओं और उपचार व्यवस्थाओं को लेकर भी लोगों की नजर बनी हुई है। मरीज बुखार और अन्य लक्षणों के चलते उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि, अस्पतालों में मरीजों की संख्या में दोगुना इजाफा होने की बात सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए अस्पताल प्रशासन के आंकड़े सामने आना जरूरी है।

सीएमएचओ ने की सतर्कता बरतने की अपील चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना, साफ-सफाई रखना और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। डेंगू के संभावित लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हो सकते हैं। वहीं, स्क्रब टायफस में भी बुखार और अन्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

जागरूकता और बचाव से कम हो सकता है खतरा स्वास्थ्य विभाग की टीमें सर्वे और जागरूकता अभियान के माध्यम से बीमारी के प्रसार को रोकने के प्रयास कर रही हैं। लोगों की सहभागिता भी इस अभियान में महत्वपूर्ण है। घरों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई रखने तथा पानी जमा होने से रोकने जैसे उपाय डेंगू के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। फिलहाल, कोटा में मौसमी बीमारियों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग निगरानी और जागरूकता गतिविधियों में जुटा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर समय पर उपचार लें।

डॉ. नरेंद्र नागर, सीएमएचओ।

मरीज के परिजन।

मरीज।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।