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कोटा में डिजिटल हेल्थ का विशेष शिविर, 30 अक्टूबर तक मौका

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
कोटा में डिजिटल हेल्थ का विशेष शिविर, 30 अक्टूबर तक मौका

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत कोटा के स्वास्थ्य भवन में 30 अक्टूबर तक विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसमें निजी स्वास्थ्यकर्मियों की एचपीआईडी, संस्थानों का एचएफआर पंजीकरण और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को जोड़ने में मदद दी जा रही है।

कोटा, 16 अक्टूबर। निजी क्षेत्र को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत कोटा सहित प्रदेशभर में 15 दिवसीय विशेष सघन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान आगामी 30 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसके तहत कोटा के स्वास्थ्य भवन में शिविर लगाकर निजी क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।

स्वास्थ्यकर्मियों की बनेगी एचपीआईडी

शिविर में निजी क्षेत्र के चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों, फार्मासिस्टों और अन्य पात्र स्वास्थ्यकर्मियों की हेल्थ प्रोफेशनल आईडी (एचपीआईडी) बनाई जा रही है। इसके साथ ही निजी स्वास्थ्य संस्थानों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) में पंजीकरण किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पेशेवरों और संस्थानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।

डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को जोड़ने पर जोर

अभियान के दौरान निजी स्वास्थ्य केंद्रों में एबीडीएम के अनुरूप हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस), लैब मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एलएमआईएस) और फार्मेसी सॉल्यूशन लागू करने में सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों और लाभार्थियों की आभा (ABHA) आईडी बनाकर उनके संबंधित स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ना है।

राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, अभियान में मां योजना और आरजीएचएस के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं एवं फार्मेसियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पीसीपीएनडीटी के तहत पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग से लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों को भी शामिल किया जाएगा।

शिविर में पंजीकरण कराने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, संबंधित काउंसिल का पंजीकरण प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, वर्तमान कार्यस्थल का प्रमाण और अन्य आवश्यक अभिलेख डिजिटल प्रारूप में साथ लाने होंगे।

मोबाइल नंबर का सत्यापन अनिवार्य रहेगा, जबकि ई-मेल आईडी का सत्यापन वैकल्पिक रखा गया है।

इस विशेष अभियान के माध्यम से निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने और मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य भवन में आयोजित शिविर का लाभ पात्र निजी स्वास्थ्यकर्मी और संस्थान 30 अक्टूबर तक उठा सकते हैं।

Bite - डॉ नरेन्द्र नागर, सीएमएचओ

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।