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कोयला खनन से आगे बढ़ रही कोल इंडिया, नए ऊर्जा क्षेत्रों पर फोकस

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
कोयला खनन से आगे बढ़ रही कोल इंडिया, नए ऊर्जा क्षेत्रों पर फोकस

सितंबर 21, नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया अब पारंपरिक कोयला खनन से आगे बढ़कर ऊर्जा और खनिजों के नए क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी का फोकस कोयला गैसीकरण, थर्मल पावर, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों पर है।कोल इंडिया के मुताबिक, उसका बिजनेस डेवलपमेंट पोर्टफोलियो पांच प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है।

इनमें कोयले से रसायन, बिजली उत्पादन, रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज, महत्वपूर्ण खनिज एवं उन्नत सामग्री और विविधीकृत खनिज शामिल हैं।कंपनी की चार कोल-टू-केमिकल परियोजनाओं में करीब 69,346 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। इन परियोजनाओं के जरिए कंपनी कोयले के पारंपरिक इस्तेमाल से आगे बढ़कर वैल्यू-एडेड उत्पादों के क्षेत्र में विस्तार करना चाहती है।नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी कंपनी अपनी क्षमता बढ़ा रही है।

कोल इंडिया के मुताबिक, करीब 550 मेगावाट की सौर क्षमता पहले ही चालू की जा चुकी है।इसके अलावा कंपनी महत्वपूर्ण खनिजों, उन्नत सामग्रियों और बैटरी स्टोरेज जैसे नए क्षेत्रों में परियोजनाओं पर काम कर रही है। इस तरह कोल इंडिया अपने कारोबार में विविधीकरण के साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और नए खनिज क्षेत्रों पर भी फोकस बढ़ा रही है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कोयला खनन में अग्रणी कोल इंडिया अब ऊर्जा और खनिजों के नए क्षेत्रों में कदम बढ़ा रही है। यह कदम कंपनी के लिए विविधीकरण का संकेत है, जिससे पारंपरिक कोयला पर निर्भरता घटेगी। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय चुनौतियाँ बढ़ रही हैं, और नई ऊर्जा परियोजनाएँ आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में सहायक हो सकती हैं। आम जनता पर इसका असर ऊर्जा लागत में स्थिरता, नई नौकरियों के अवसर और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में बढ़ोतरी के रूप में महसूस हो सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।