क्रेशर पर हमले में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
वैर के पास 70-80 लोगों के हमले का आरोप, गोली लगने से घायल भड़ाना को जयपुर ले जाया गया था,क्रेशर संचालन को लेकर दो साल से चल रहा था विवाद
भरतपुर, 12 अक्टूबर। भरतपुर जिले के वैर कस्बे के पास एक क्रेशर पर कथित हमले में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत हो गई। घटना में उनके अंगरक्षक गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपजिला अस्पताल वैर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह भड़ाना की गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर रेफर किया गया।
जयपुर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, घायल अंगरक्षक गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया है। पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि 70 से 80 लोगों ने क्रेशर पर हमला कर उनके पति और वहां मौजूद अन्य लोगों के साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि अतर सिंह भड़ाना को गोली लगी थी।
क्रेशर पर काम करने वाले 20 से 25 लोगों में से कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
पुलिस उपाधीक्षक धीरेंद्र सिंह के अनुसार, क्रेशर संचालन को लेकर ग्रामीणों और क्रेशर संचालक के बीच पिछले करीब दो वर्षों से विवाद चल रहा था। इस विवाद के चलते ग्रामीण क्रेशर के विरोध में धरना भी दे रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, घटना के समय पहाड़ी पर मशीनों के जरिए खनन का काम चल रहा था और पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना भी क्रेशर पर मौजूद थे। इसी दौरान ग्रामीणों की ओर से हमला किए जाने का आरोप है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
हमले में शामिल लोगों की पहचान और घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
🎙️ जनता का संदेश का मत
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की दुखद मृत्यु से यह स्पष्ट होता है कि हिंसा का कोई समाधान नहीं है। जब भी किसी विवाद का सामना हो, शांतिपूर्ण संवाद, कानूनी मार्ग और मध्यस्थता को प्राथमिकता दें। समाज को एकजुट होकर संघर्षों को संवाद के माध्यम से सुलझाने की प्रेरणा देनी चाहिए। पीड़ितों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए, हमें याद रखना चाहिए कि शांति ही स्थायी विकास का आधार है।