कृषि उत्पादन आयुक्त बैठक
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अनिल पंडा, दुर्ग दिनांक :- 4 अक्टूबर 2026
स्क्रिप्ट :- कृषि उत्पादन आयुक्त बैठक दुर्ग
राज्य शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी की अध्यक्षता में आज दुर्ग में कृषि एवं संबद्ध विभागों की संभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरीफ वर्ष 2026 के अंतर्गत संचालित कृषि गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी रबी वर्ष 2026-27 के कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कृषि उत्पादन आयुक्त परदेशी ने किसानो की आमदनी बढ़ाने के लिए खेती-किसानी के साथ कुक्कुटपालन, मछलीपालन, बकरीपालन और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया उन्होने विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्ययोजना तैयार कर योजनओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देेश दिए।
बैठक में खरीफ सीजन के दौरान हुई प्रगति की समीक्षा के साथ रबी सीजन की तैयारियों पर चर्चा किया गया। कृषि एवं संबद्ध विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई।
कृषि उत्पादन आयुक्त परदेशी ने कहा कि खरीफ सीजन में दुर्ग संभाग में अच्छा कार्य हुआ है, जिसमें सम्भाग के सभी जिलों का भी अच्छा प्रदर्शन रहा। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में भी इसी तरह हम सबको सामंजस्य के साथ कार्य करना होगा, ताकि निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हो सके।
उन्होंने कृषि एवं संबद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शासन की योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुंचाने पर जोर दिया। रबी वर्ष 2026-27 की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि रबी सीजन के लिए किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बीज, उर्वरक एवं अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
इस दौरान फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने, गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए, दुर्ग संभाग में कृषि विकास के व्यापक संभावना हैं, जिनका लाभ उठाते हुए दलहन, तिलहन, प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी के माध्यम से फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना आवश्यक है।
इस दौरान गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन के संबंध में उन्नत एवं प्रमाणित बीजों के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कृषि उत्पादन आयुक्त ने पी.एम. आशा योजना की समीक्षा करते हुए किसानों को योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने तथा सरसों की फसल का रकबा और उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
बैठक में मार्कफेड प्रबंध संचालक जितेंद्र शुक्ला, कृषि संचालक राहुल देव, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी के संचालक लोकेश कुमार,मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सवन्नी , मत्स्य पालन विभाग के संचालक नारायण सिंह नाग सहित विभिन्न जिलों के कलेक्टर भी उपस्थित रहे।