क्या चीन अकेले निगल लेगा दुनिया का सारा सोना, 22 महीनों से लगातार खरीद रहा गोल्ड
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सोने के लिए चीन की दीवानगी कम होती नजर नहीं आ रही है. गोल्ड रिजर्व का होना किसी भी देश के लिए अच्छी बात है. भारत और चीन जैसी अर्थव्यवस्थाएं भी पिछले कुछ सालों से लगातार सोना खरीद रही हैं.
इस बीच, भारत की खरीद में बेशक कुछ कमी आई है, लेकिन चीन टस से मस नहीं हो रहा है. चीन अपने सोने का भंडार लगातार बढ़ाता ही जा रहा है.
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने अगस्त 2026 में अपने सोने के भंडार में 6,50,000 औंस (लगभग 20.2 टन) सोना शामिल किया है, जो अक्टूबर 2023 के बाद से महीने भर में की गई सबसे बड़ी खरीद है.
यह खरीदारी इसलिए भी सबसे खास है क्योंकि अगस्त के दौरान वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में लगभग 10% का जोरदार उछाल देखा गया था.
आमतौर जब सोने की कीमतें बढ़ती हैं, तो केंद्रीय बैंक खरीदारी धीमी कर देते हैं, लेकिन चीन ने बढ़ती कीमतों की परवाह न करते हुए अपनी आक्रामक खरीदारी जारी रखी.
22 महीनों से लगातार जारी खरीद
सोमवार को पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) के जारी आंकड़ों से पता चला कि अगस्त में उसके सोने का भंडार 6,50,000 औंस बढ़ा है. 20.2 टन की इस नई खरीद के साथ चीन का कुल आधिकारिक गोल्ड रिजर्व बढ़कर अब रिकॉर्ड 2,386.6 टन (76.73 मिलियन औंस) पर पहुंच गया है.
चीन के सोना खरीदने का यह ट्रेंड लगातार 22 महीनों से बना हुआ है.
चीन के केंद्रीय बैंक का लगातार सोना खरीदने का सिलसिला अब 22वें महीने में प्रवेश कर चुका है.
डॉलर की वैल्यू के हिसाब से देखें, तो चीन के पास अगस्त के अंत तक सोने की मात्रा 350.08 बिलियन डॉलर की रही, जो जुलाई के 306.35 बिलियन डॉलर के मुकाबले ज्यादा है.
चीन क्यों कर रहा ऐसा?
फाइनेंशियल एनालिस्ट और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन किसी शॉर्ट-टर्म मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि भविष्य का सोचकर अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ा रहा है.
यह उसकी दीर्घकालिक रणनीतिक कदम का हिस्सा है.
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar