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'क्या हम गुलाम हैं', केन्या के राष्ट्रपति ने देश में TATA का काम रोका

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
'क्या हम गुलाम हैं', केन्या के राष्ट्रपति ने देश में TATA का काम रोका

केन्या में टाटा केमिकल्स को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राष्ट्रपति विलियम रूटो ने लेक मगाडी में कंपनी का काम रोकने का आदेश दिया है.

उनका कहना है कि टाटा केमिकल्स यहां लंबे समय से काम कर रही है, लेकिन इलाके में लोगों के लिए नहीं तो कोई जरूरी रोजगार आया और न ही उतना इन्वेस्टमेंट हुआ. रूटो ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा,क्या हम दूसरे लोगों के गुलाम है.

दक्षिणी केन्या के काजियाडो इलाके के दौरे के दौरान रूटो ने कहा कि टाटा कंपनी को करीब 100 साल का मौका मिला, लेकिन उसने काजियाडो में कोई बड़ी फैक्ट्री नहीं लगाई.

उन्होंने कहा कि सरकार अब नए इनवेस्टर्स को लाएगी और उनसे काजियाडो में कांच और केमिकल बनाने वाली फैक्ट्रियां लगाने को कहा जाएगा. इसी दौरान उन्होंने सवाल किया, क्या हम दूसरे लोगों के गुलाम हैं.

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देश में ही सामान बनाने पर जोर

राष्ट्रपति रूटो का कहना है कि केन्या के कच्चे माल को सिर्फ निकालकर दूसरे देशों में भेजने के बजाय देश में ही उसका प्रोसेसिंग होना चाहिए.

इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ इन्वेस्ट, टैक्स और कारोबारी काम ज्यादा हो सकती हैं.

सरकार का जोर कुदरती चीजों से मिलने वाले फाइनेंशियल फायदे को स्थानीय लोगों तक पहुंचाने पर है.

इस फैसले को लेकर केन्या की डेमोक्रेसी फॉर द सिटिजन्स पार्टी ने सरकार पर सवाल उठाए हैं.

पार्टी ने आरोप लगाया कि टाटा केमिकल्स को हटाने के पीछे राष्ट्रपति रूटो के कारोबारी हित हो सकते हैं.

विपक्ष का दावा है कि मगाडी इलाके में बड़ी मात्रा में लिथियम के भंडार और तेल की संभावनाएं हैं.

DCP ने चेतावनी दी है कि इस फैसले से मगाडी और आसपास के इलाकों में रहने वाले 1 लाख से ज्यादा लोगों की रोजगार पर असर पड़ सकता है.

पार्टी ने ये भी कहा कि

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

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