क्या मोहम्मद सिराज के साथ हो रही है नाइंसाफी? क्या 2027 वर्ल्ड कप के प्लान में नहीं हैं सिराज?
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में मोहम्मद सिराज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं.
वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में भी सिराज को तीन में से सिर्फ एक मुकाबले में मौका मिला था.
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट की 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं में मोहम्मद सिराज की जगह कमजोर पड़ती जा रही है?
भारतीय क्रिकेट में इन दिनों 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है.
टीम इंडिया का फोकस ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करने पर है, जो अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप में अहम भूमिका निभा सकें.
लेकिन इन तैयारियों के बीच भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
सवाल इसलिए भी गंभीर है क्योंकि सिराज पिछले कई वर्षों से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं.
उन्होंने तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और 2023 वनडे वर्ल्ड कप में भी टीम इंडिया का हिस्सा थे.
इसके बावजूद हाल के वनडे मुकाबलों में उन्हें लगातार प्राथमिकता नहीं मिल रही है.
ऑकलैंड वनडे में सिराज की जगह क्यों नहीं बनी?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 4 नवंबर को ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में मोहम्मद सिराज प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे.
उनकी जगह भारतीय टीम ने अपेक्षाकृत कम अनुभवी तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरने का फैसला किया.
भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में आकिब नबी, अंशुल कंबोज, गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह जैसे गेंदबाजों को मौका दिया गया, लेकिन सिराज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली.
यहां सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि सिराज को क्यों नहीं खिलाया गया, बल्कि सवाल यह भी है कि क्या टीम मैनेजमेंट अब वनडे क्रिकेट में दूसरे तेज गेंदबाजों को उनसे आगे देख रहा है?
हालांकि, पहले वनडे में सिराज की गैरमौजूदगी के पीछे एक व्यावहारिक वजह भी हो सकती है.
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📡 स्रोत: ABP Live Khel