क्या पश्चिमी देशों को खुश करने के लिए बदला RSS का सुर? 'सामना' में मोहन भागवत पर कसा तीखा तंज
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में दिए बयान पर शिवसेना (यूबीटी) ने बड़ा हमला बोला है.
पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में संघ के वैश्विक संदेश को दोहरा रवैया करार दिया गया है.
सामना में लिखा गया कि यदि भागवत को 'एक मानवता' के विचार को विश्वसनीयता दिलानी है, तो पहले इसे भारत में लागू करना होगा.
न्यूयॉर्क में भागवत ने कहा था कि जो मुसलमानों को देश से बाहर करने की बात करता है, वह हिंदू नहीं है.
📡 स्रोत: News18 Hindi
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में दिए बयान और शिवसेना के मुखपत्र "सामना" की आलोचना से जुड़ी है। भागवत ने मुसलमानों को देश से बाहर करने की बात कही, जिसे "सामना" ने दोहरे रवैये के रूप में निंदा की। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की धार्मिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय छवि पर सवाल उठाता है। यदि इस पर सार्वजनिक चर्चा बढ़ती है, तो यह धार्मिक समरसता, आव्रजन नीति और विदेश नीति पर असर डाल सकती है, तथा समाज में विभाजन और बहस को बढ़ा सकती है।