क्या थम गई है सोने की रफ्तार या कीमतों पर लगा मामूली सा ब्रेक, रिपोर्ट में खुलासा
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सोने की कीमतों में हाल के दिनों में भले ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गोल्ड का बुल रन खत्म हो गया.
गोल्डमैन सैक्स से जुड़े टोनी किम के मुताबिक, फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण फिलहाल गोल्ड की डिमांड में कमी आई है. हालांकि, आने वाले समय में इसमें फिर तेजी लौट सकती है.
इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की लगातार सोने की खरीदारी को मानी जा रही है. ऐसे में मौजूदा दबाव को स्थायी गिरावट मानना जल्दबाजी होगी.
टोनी किम का कहना है कि एक बार बाजार में अनिश्चितता कम होने के बाद गोल्ड में फिर से तेज उछाल देखनी को मिल सकता है.
किस भाव पर सोने में निवेश का मौका?
टोनी किम के मुताबिक, अगर सोने की कीमत करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस (Dollar Per Ounce) तक आती है, तो निवेशकों के लिए खरीदारी का बेहतर मौका बन सकता है.
भारतीय मुद्रा में यह कीमत करीब 1.34 लाख रुपये प्रति औंस के आसपास बैठती है.
फिलहाल इस समय गोल्ड का रेट करीब 4,479 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है.
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सोने की तेजी पर क्यों लगा है ब्रेक?
जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में कुछ कमजोरी देखने को मिली है.
टोनी किम के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आगे क्या रुख अपनाया जाएगा, इसे लेकर बाजार में काफी अनिश्चितता बनी हुई है.
इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी ने बाजार पर भी काफी दबाव डाला है. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में मजबूती आने से भी सोने पर असर पड़ा है.
1 सितंबर को <a title="सोने की कीमत" href=
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस खबर में सोने की कीमतों पर हालिया मामूली ब्रेक के बावजूद गोल्ड के बुल रन के समाप्त न होने की बात कही गई है। यह विषय वैश्विक वित्तीय बाजारों में सोने की भूमिका और उसकी मांग पर केंद्रित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि सोने की कीमतें निवेशकों, उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक संकेतक हैं, और उनका उतार-चढ़ाव बाजार की स्थिरता को प्रभावित करता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि निवेशकों को सोने के निवेश के समय पर पुनर्विचार करना पड़े, तथा महंगाई और मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव के कारण जीवन