लगातार बढ़ रहा केदारताल झील का आकार, वैज्ञानिकों ने नियमित निगरानी की आवश्यकता बताई
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24 सितम्बर 2026, उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम के समीप स्थित केदारताल झील के तेज़ी से बढ़ते आकार को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। रुड़की के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हाइड्रोलॉजी (NIH) की एक रिसर्च स्टडी के मुताबिक 1990 से 2025 के बीच 35 सालों में केदारताल का सतह क्षेत्र लगभग 108 प्रतिशत तक बढ़ा है। 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ रिमोट सेंसिंग' में छपी इस रिसर्च में सैटेलाइट इमेज, पुराने नक्शों और मौसम से जुड़े डेटा का इस्तेमाल करके बदलावों का आकलन किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार इस स्टडी के अनुसार, 1990 में केदारताल का सतह क्षेत्र 64,455.86 वर्ग मीटर था, जो 2020 में बढ़कर 105,772.99 वर्ग मीटर और 2025 में 133,823.10 वर्ग मीटर तक पहुँच गया। यानी 35 सालों में कुल मिलाकर लगभग 69,367 वर्ग मीटर की बढ़ोतरी हुई। रिसर्चर्स ने अकेले 2020 से 2025 के बीच लगभग 28,000 वर्ग मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की।
लगभग 20 सदस्यों की एक संयुक्त वैज्ञानिक टीम ने निरीक्षण में केदारताल की लंबाई लगभग 600 मीटर और चौड़ाई 200 मीटर मापी गई, और इसकी अधिकतम गहराई लगभग 13 मीटर पाई गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि झील के आकार और आस-पास की स्थितियों में लगातार हो रहे बदलावों को देखते हुए नियमित निगरानी ज़रूरी है।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, केदारताल अभी लगभग 12 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। औसत गहराई के सर्वे डेटा के आधार पर, अनुमान है कि झील में लगभग 1.56 अरब लीटर पानी है।
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