लगातार बारिश से धान की फसल पर संकट
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सुल्तानपुर में करीब एक माह से हो रही बारिश खरीफ फसलों के लिए राहत बनी हुई थी, लेकिन पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश ने धान किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान में दाने पड़ने लगे हैं और अगेती किस्मों की बालियां पकने लगी हैं। खेतों में पानी भरा होने के कारण तेज हवा से कई जगह फसल गिरने लगी है।
तराई और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति अधिक है।उप कृषि निदेशक सुरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार जिले में 1.28 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की निगरानी की जा रही है, जिसमें करीब 10,800 हेक्टेयर धान है। तराई क्षेत्रों से धान के खेतों में पानी भरने की सूचनाएं मिली हैं। उनका कहना है कि यदि सितंबर के अंत तक बारिश थम जाती है तो बड़े नुकसान की आशंका कम है।कृषि विभाग ने किसानों से खेतों में जमा अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने को कहा है।
पकती फसल की निगरानी बढ़ाने और बारिश के दौरान उर्वरक व कीटनाशक का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है। अभी धान में किसी बड़े रोग के प्रकोप की सूचना नहीं है। मक्का और बाजरे की फसल भी बेहतर बताई गई है।वर्ष 2026-27 में 1,12,907 किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम जमा कर रहे हैं।
करीब 10,680 हेक्टेयर फसल क्षेत्र बीमा कवरेज में आ सकता है। किसानों को बीमा संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखने और क्षति होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय से सूचना देने की सलाह दी गई है।जिला प्रशासन ने लगातार बारिश को देखते हुए 29 सितंबर तक अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने लोगों से खराब मौसम में सुरक्षित रहने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।कृषि विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन धान के लिए अहम हैं।
बारिश थमने और खेतों से पानी निकलने के बाद ही फसल को हुए वास्तविक नुकसान की तस्वीर स्पष्ट होगी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
सुल्तानपुर में लगातार तीन दिन चल रही बारिश से खरीफ धान की फसल पर संकट पैदा हो गया है। यह विषय कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा है, क्योंकि धान भारत की प्रमुख अनाज फसलों में से एक है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय तक चलने वाली बाढ़ और पानी भरे खेतों में दाने पड़ने से किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा और खाद्य कीमतों में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी। आम जनता पर इसका असर बढ़ती खाद्य कीमतों, किसानों के आर्थिक संकट और ग्रामीण बेरोजगारी में वृद्धि के रूप में महसूस हो सकता है, जिससे समाज में अस्थिरता और