लखनऊ में भाजपा पार्षद धरने पर बैठे:अतिक्रमण हटाने से रोकने के बाद किया प्रदर्शन बोले होती है वसूली
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →लखनऊ में चिनहट प्रथम वार्ड के पार्षद अरुण राय पटरी दुकानदारों के साथ नगर निगम जोन 4 मुख्यालय पर धरने पर बैठे। पार्षद ने आरोप लगाया कि पटरी दुकानदारों से अवैध वसूली नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी कर रहे हैं। जबकि एक दिन पहले चिनहट तिराहे पर ट्यूलिप अपार्टमेंट के पास महिला अधिकारी से बदसलूकी का मामला सामने आया था।
इस बीच फल मंडी के नाम पर किए गए अतिक्रमण को हटाने से रोक रहे स्थानीय भाजपा पार्षद अरुण राय व जोन 4 की जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी में विवाद हो गया। शाम करीब पांच बजे हुई घटना का वीडियो सामने आया था। इसमें जोनल अधिकारी को अतिक्रमण की कार्रवाई करने से पार्षद मना कर रहे हैं। इसी वीडियो में जोनल अधिकारी कह रही हैं।
इन लोगों ने मुझे इधर उधर टच किया है उसका क्या ?
इसपर पार्षद कहते हुए नजर आ रहे हैं कि ये लोग आपसे मेरी बात करवा रहे थे, लेकिन आपने बात नहीं की। नगर निगम ने वेडिंग जोन नहीं बनाया। लंबे समय से इसके लिए बोल रहे। मैं, कार्यकारिणी का सदस्य हूं। यहां कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद भी टकराव चलता रहा, लेकिन पार्षद के विरोध के बाद मौके पर लोग आक्रामक हो गए।
इसके बाद नगर निगम की टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। जोनल अधिकारी बोलीं पार्षद के विरोध पर हुई अभद्रता जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी ने बताया कि चिनहट तिराहे और कठौता रोड के पास अवैध फल मंडी और ठेलों के कारण भारी ट्रैफिक जाम हो रहा। स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी आ रही थी। स्थिति यह थी कि एक-एक व्यक्ति ने चार-चार ठेले लगा रखे थे और सड़े हुए फल व कचरा नालियों में फेंक रहे थे।
जब टीम ने कार्रवाई शुरू की, तो वेंडरों ने चालान कटवाने से मना कर दिया और स्थानीय पार्षद को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि पार्षद ने भी नगर निगम की कार्रवाई का समर्थन करने के बजाय टीम का विरोध किया और काम में बाधा उत्पन्न की। इसके बाद वेंडर्स ने उनके साथ अभद्रता की। ऐसा नहीं होना चाहिए था।
पार्षद ने कहा कि ठेला नहीं हटेगा। जबकि यह अतिक्रमण है व कई शिकायत भी आ चुकी है। जोन 4 की टीम पर अवैध वसूली का आरोप चिनहट प्रथम वार्ड से भाजपा पार्षद अरुण राय ने नगर निगम की टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए वसूली आरोप लगाया है। उनका कहना है कि टीम वेंडरों से 2000 रुपये लेकर 1000 रुपये की रसीद देती है और 6000 रुपये लेने पर कोई रसीद नहीं दी जाती, जबकि पैसा न देने वालों का सामान और कांटा जब्त कर लिया जाता है।
पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि जब एक फल वाले ने उनसे बात कराने की कोशिश की, तो अधिकारी ने उसका मोबाइल छीनकर सड़क पर पटक दिया, जिससे फोन टूट गया।
📡 स्रोत: NewsData.io