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लखनऊ के डाकघर में घोटाला, लाखों का गबन:36 गांवों के लोगों का खाता है, बचत के साथ सुकन्या खातों से भी पैसे गायब

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
लखनऊ के डाकघर में घोटाला, लाखों का गबन:36 गांवों के लोगों का खाता है, बचत के साथ सुकन्या खातों से भी पैसे गायब

लखनऊ के एक डाकघर से बड़ा घोटाला सामने आया है। रहीमाबाद के उमरावल गांव स्थित डाकघर के खातों से लाखों रुपए गायब हो गए हैं। यहां पर करीब 36 गांवों के लोगों के बचत, सुकन्या समृद्धि, आरडी और एफडी समेत कई खाते संचालित हैं। यह गांव लखनऊ जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर है। खाताधारकों को जैसे ही घोटाले की भनक मिली, वे डाकघर पहुंच गए।

गुरुवार दोपहर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान डाकघर के सारे कर्मचारी 3 बजे ही कामकाज बंद कर फरार हो गए। मामला सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों ने डाकघर के बीपीएम प्रमोद को वहां से हटा दिया है और जांच शुरू कर दी है। 2 तस्वीरें देखिए- अब पढ़िए पीड़ितों की जुबानी- 23 हजार जमा थे, बचे सिर्फ 774 रुपए उमरावल निवासी सावित्री ने बताया कि उनके खाते में 23,080 रुपए जमा थे।

आरोप है कि जब वह रुपए निकालने पहुंचीं तो खाते में महज 774 रुपए मिले। अर्जुन कश्यप ने खाते से 4,600 रुपए गायब होने की बात कही। मोहिनी के खाते में 61,763 रुपए जमा थे, लेकिन रुपए निकालने पहुंचीं तो केवल 1,405 रुपए मिले। इसी तरह नीतू गुप्ता ने बताया कि उनके खाते में 57,418 रुपए जमा थे, जबकि बाद में मात्र 1,418 रुपए ही बचे मिले।

नेहा कश्यप का आरोप है कि उनके बचत खाते में 1,28292 रुपए जमा थे, लेकिन रुपए निकालने पहुंचीं तो खाते में केवल 1,885 रुपए मिले। 75 हजार रुपए थे, 11 हजार रुपए बचे राहुल के मुताबिक, उनके खाते में 75,535 रुपए जमा थे, जबकि जांच कराने पर 11,836 रुपए ही शेष मिले। मीना ने 26,734 रुपए में से 25 हजार रुपए गायब होने, वहीं कमला ने 55,094 रुपए में से 54,296 रुपए गायब होने का आरोप लगाया है।

इसके अलावा अरुण कश्यप, रघुरानी, प्रेम मौर्य, सुनील कुमार, हेमकली और आरती मौर्य समेत कई अन्य खाताधारकों ने भी अपनी जमा रकम में गड़बड़ी की शिकायत की है। आरडी खाताधारक अनीशा का कहना है कि वह हर महीने 500 रुपए जमा करती थीं, लेकिन खाते में रकम नहीं दिख रही है। अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

पीड़ितों की तस्वीरें देखिए- पासबुक जमा कराकर कहा था 2-3 दिन में पैसा मिलेगा खाताधारकों का आरोप है कि जब उन्होंने डाकघर पहुंचकर शिकायत की तो कर्मचारियों ने उनकी पासबुक की प्रतियां जमा करा लीं और दो-तीन दिन में खाते में रुपए आने का आश्वासन दिया। कई दिन बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं आई।

इसके बाद ग्रामीणों ने वहां तैनात बीपीएम प्रमोद से रुपए वापस करने की मांग की। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत की, जिसके बाद जांच शुरू की गई। ग्रामीणों ने डाकघर के समय से नहीं खुलने और दोपहर दो से तीन बजे के बीच ही बंद हो जाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि मेहनत की कमाई जमा करने के बाद अब उन्हें अपने ही रुपए के लिए भटकना पड़ रहा है।

10 किलोमीटर तक कोई सरकारी बैंक नहीं इस संबंध में उमरावल डाकघर में मौजूद कर्मचारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। फिलहाल खाताधारकों को जांच पूरी होने और उनकी जमा रकम वापस मिलने का इंतजार है। उमरावल गांव से 500 मीटर पश्चिम में हरदोई जिला लग जाता है।

इस गांव से 10 किमी दूर तक कोई बड़ा बैंक नहीं है। यही वजह है कि इन पिछड़े गांवों के लोगों के खाते डाकघर में ही हैं।

📡 स्रोत: NewsData.io

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