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लखनऊ में ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
लखनऊ में  ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारियों को दिया गया  प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक और विधिक दक्षता को सुदृढ़ बनाने के लिए उन्हें नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभागीय नियमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, न्यायालयीन प्रकरणों तथा वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विषयों पर समय-समय पर प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे विभागीय कार्यों का निष्पादन अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित हो सके।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में ग्राम्य विकास विभाग के मुख्यालय तथा दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक व विधिक दक्षता संवर्धन के उद्देश्य से शनिवार को एक दिवसीय स्थापना संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जवाहर भवन स्थित आयुक्त, ग्राम्य विकास कार्यालय के दसवें तल के सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा संबंधी नियमों, अनुशासनात्मक कार्यवाही, न्यायालयीन प्रकरणों के निस्तारण, अभिलेखों के रखरखाव तथा वित्तीय एवं सेवा संबंधी प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अपर आयुक्त सुश्री नेहा बन्धु (वीबी-जी राम जी), संयुक्त आयुक्त प्रशासन श्री जंग बहादुर यादव, उपायुक्त ग्राम्य विकास श्री राकेश रंजन तथा दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के उपनिदेशक श्री अनुज श्रीवास्तव, वरिष्ठ सलाहकार श्री रमेश चन्द्र शुक्ला एवं सहायक निदेशक और सत्र निदेशक डॉ.

राज किशोर सहित प्रशिक्षण टीम के सदस्य तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।प्रशिक्षण सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रथम सत्र में सेवानिवृत्त विशेष सचिव श्री डी.पी. सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 तथा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।

उन्होंने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों से संबंधित शासकीय प्रक्रियाओं पर प्रकाश डालते हुए प्रति शपथ पत्र, प्रत्युत्तर शपथ पत्र, स्थगन आवेदन, कैविएट, शीघ्र सुनवाई आवेदन तथा अनुपालन शपथ पत्र तैयार करने की विधिक प्रक्रियाओं एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।इसके बाद सेवानिवृत्त अपर निदेशक श्री नरेन्द्र भूषण ने वादों से संबंधित अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव तथा वित्तीय प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

अंतिम विषयगत सत्र में सेवानिवृत्त लेखा परीक्षा अधिकारी श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव ने अवकाश नियमों, यात्रा भत्ता नियमों तथा वेतन एवं पेंशन निर्धारण से संबंधित प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को विभागीय दायित्वों के निर्वहन में नियमों के उचित अनुपालन तथा प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।कार्यशाला के समापन सत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मूल्यांकन किया गया।

प्रतिभागी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से विभागीय नियमों की बेहतर समझ विकसित होती है तथा प्रशासनिक एवं विधिक प्रकरणों के निस्तारण में तेजी और कार्यकुशलता आती है।समापन अवसर पर अपर आयुक्त सुश्री नेहा बन्धु, संयुक्त आयुक्त प्रशासन श्री जंग बहादुर यादव, उपायुक्त श्री राकेश रंजन, उपनिदेशक श्री अनुज श्रीवास्तव, वरिष्ठ सलाहकार श्री रमेश चन्द्र शुक्ला, डॉ.

राज किशोर, डॉ. शिव बचन यादव, श्री धर्मेन्द्र कुमार, डॉ. अलका शर्मा, इंजीनियर मोहित यादव सहित दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के संकाय सदस्य, प्रशिक्षण टीम तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में संस्थान के उपनिदेशक श्री अनुज श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, विषय विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।