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लखनऊ में पुलिस के पैरों में लेटे बॉन्डेड डॉक्टर:हाथ जोड़कर लगाई गुहार, ACP जमीन पर बैठकर बोले- धरना खत्म करो

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
लखनऊ में पुलिस के पैरों में लेटे बॉन्डेड डॉक्टर:हाथ जोड़कर लगाई गुहार, ACP जमीन पर बैठकर बोले- धरना खत्म करो

लखनऊ में गुरुवार को समान वेतन की मांग को लेकर बॉन्डेड डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। एप्रन पहने, गले में स्टेथोस्कोप और मुंह पर टेप लगाकर पहुंचे डॉक्टर पुलिस के सामने हाथ जोड़ते और पैरों में लेटकर गुहार लगाते नजर आए। डॉक्टरों ने कहा कि वे पिछले 40 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगें अब तक नहीं मानी गई हैं। डॉक्टर 1090 चौराहे से मानव श्रृंखला बनाकर सीएम आवास की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। डॉक्टर सड़क पर बैठने लगे तो ACP खुद जमीन पर बैठ गए। उन्होंने हाथ जोड़कर डॉक्टरों से धरना खत्म करने की अपील की। प्रदर्शन की 5 तस्वीरें देखिए..

हाथों में तख्तियां थीं लेकर प्रदर्शन में हुए शामिल प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बॉन्डेड डॉक्टर शामिल हुए। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर 'One Bond One Salary' और 'बॉन्डेड मेडिकल अधिकारियों को न्याय दो' लिखा था। पुलिस और डॉक्टरों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। पुलिस ने डॉक्टरों पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सड़क जाम करने का आरोप लगाया।

वहीं, डॉक्टरों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि डिप्टी सीएम ने समान वेतन देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया। डॉक्टरों ने कहा कि वे पिछले 40 दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

2 सितंबर को डिप्टी सीएम ने किया था मुलाकात प्रदर्शन सरकारी मेडिकल कॉलेजों के 2018, 2019 और 2020 बैच के बॉन्डेड MBBS डॉक्टर कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि समान डिग्री, बॉन्ड और सेवा की शर्तें होने के बावजूद उन्हें अलग-अलग वेतन दिया जा रहा है। डॉक्टर वेतन में समानता लागू करने और बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं।

उनका कहना है कि 2 सितंबर को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मांगें पूरी करने और 24 घंटे में शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया था। अब तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है। 300 किमी का सफर तय कर प्रदर्शन में पहुंचे डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर अक्षय ने बताया कि वे मिर्जापुर से लखनऊ आए हैं। दूसरे जिले से आकर आंदोलन करना उनके लिए काफी मुश्किल है।

करीब 300 किलोमीटर का सफर तय करके आते हैं, लेकिन हर बार निराशा हाथ लगती है। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम ने 24 घंटे में मांगें पूरी करने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अक्षय ने कहा, “हम डॉक्टर हैं। हमें भगवान कहा जाता है, लेकिन वैसा सम्मान नहीं मिलता। अगर हमें सच में भगवान माना जाता, तो हमारे साथ ऐसा बर्ताव नहीं होता।

” 50 हजार वेतन, दूसरे डॉक्टरों को 1.10 लाख देवरिया से आई डॉक्टर निदा ने कहा कि मजबूरी में सड़क पर उतरे हैं। बॉन्ड सेवा के तहत उन्हें दो साल की अनिवार्य सेवा करनी होती है या 10 लाख रुपए के बॉन्ड की बाध्यता होती है। इस दौरान ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के CHC, PHC समेत अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनाती होती है।

इसके बदले उन्हें करीब 50 से 55 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलता है। समान डिग्री, फिर भी वेतन में अंतर डॉक्टरों का दावा है कि समान MBBS डिग्री, बॉन्ड, काउंसलिंग और चयन प्रक्रिया के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बॉन्ड सेवा कर रहे कुछ डॉक्टरों को करीब 1.10 लाख रुपए प्रतिमाह तक वेतन मिल रहा है।

इसे वेतन में असमानता बताते हुए प्रदर्शनकारी समान वेतनमान लागू करने और बकाया एरियर देने की मांग कर रहे हैं। ………… ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में डॉक्टरों का गुस्सा फूटा,पुलिस बस के आगे डटीं:बोलीं- डिप्टी CM वादा भूले; अखिलेश ने कहा- BJP सरकार बदल डालो लखनऊ में मंगलवार को समान वेतन की मांग को लेकर डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा।

पुलिस की बस रोक ली। कई महिला डॉक्टरों ने बस को हाथों से धक्का देकर रोकने की कोशिश की। कुछ डॉक्टर बस के आगे लेट गईं और बोलीं- ऊपर चढ़ा दो, हम नहीं हटेंगे। डिप्टी सीएम अपना वादा भूल गए हैं और हम 40 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। मामला दोपहर करीब 2 बजे का है। पुलिस ने डॉक्टरों को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा से जबरन उठाकर धरना स्थल इको गार्डेन लेकर गई है।

जिन डॉक्टरों ने विरोध किया, पुलिस ने उन्हें टांगकर बस में भरा। पढ़िए पूरी खबर…

📡 स्रोत: NewsData.io

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