लोहरदगा के चिरी गांव में शराब कारोबार छोड़ आत्मनिर्भर बनीं महिलाएं
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Short Headline: लोहरदगा के चिरी गांव में शराब कारोबार छोड़ आत्मनिर्भर बनीं महिलाएं
Synopsis: लोहरदगा के चिरी गांव में शराब कारोबार छोड़ आत्मनिर्भर बनीं महिलाएं, विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने गांव में आजीविका गतिविधियों का लिया जायजा।
Category: Government , Planning , Women , Social Welfare
Deadline : 04 SEPTEMBER, LOHARDAGA
04 सितंबर, लोहरदगा: कुडू प्रखंड के चिरी गांव में फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत महिलाओं की बदली जिंदगी ने अमेरिका से आए लाइवलीहुड इम्पैक्ट फंड के प्रतिनिधिमंडल को प्रभावित किया। प्रतिनिधिमंडल की सामंथा कार्टर और क्रिस्टीना मेंडोजा मोरा ने गांव पहुंचकर लाभुक महिलाओं से संवाद किया और उनकी आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली।
महिलाओं ने बताया कि अभियान के तहत ब्याज मुक्त ऋण मिलने के बाद उन्होंने देशी शराब का कारोबार छोड़ सम्मानजनक रोजगार अपनाया। सरस्वती कुमारी ने 20 हजार रुपये के ऋण से नाश्ता दुकान, जबकि बबीता देवी ने 25 हजार रुपये से किराना दुकान शुरू की। दोनों ने बताया कि दुकानों से होने वाली आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल ने लाभुक महिलाओं की समूह बैठक में भी हिस्सा लिया। इस दौरान नारी जागृति साथियों ने लाभुकों के चयन, आजीविका योजना, ऋण वितरण, सरकारी योजनाओं से जोड़ने और मोबाइल एप के जरिए निगरानी की जानकारी दी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
लोहरदगा के चिरी गांव में महिलाएं शराब कारोबार छोड़ कर आत्मनिर्भर बनीं, यह विषय है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि ग्रामीण महिलाएं पारंपरिक अवैध व्यवसाय से हटकर वैध आजीविका विकल्प अपनाकर आर्थिक स्वतंत्रता पा रही हैं। इससे आम जनता पर असर पड़ सकता है क्योंकि यह ग्रामीण विकास के नए मॉडल को प्रोत्साहित करेगा, महिलाओं की सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा और अवैध शराब व्यापार को कम करने में मदद करेगा।