मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस की नई रणनीति तैयार, प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने संगठन विस्तार और किसानों के मुद्दों पर संघर्ष का लिया संकल्प
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भोपाल में मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर से पहुंचे जिलाध्यक्षों और नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने, किसानों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और उनके अधिकारों की लड़ाई को नई गति देने की रणनीति तैयार की गई। इस दौरान मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान की पुनर्नियुक्ति पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका सम्मान किया।
पुनर्नियुक्ति पर आभार जताते हुए धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व ने उन पर दोबारा विश्वास जताकर जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह किसानों के हित में किए गए निरंतर संघर्ष और संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहेंगे। साथ ही प्रदेश में किसान कांग्रेस को और अधिक सशक्त बनाने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाएगी।
बैठक में संगठन प्रभारी संजय कामले ने जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों को आगामी कार्ययोजना के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने संगठन को सक्रिय, मजबूत और जनोन्मुखी बनाने पर जोर दिया। वहीं डॉ. महेंद्र सिंह चौहान ने किसान कांग्रेस को गांव-गांव तक पहुंचाने और किसानों की आवाज को मजबूती से उठाने की आवश्यकता बताई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि संगठन का विस्तार ब्लॉक, पंचायत और गांव स्तर तक किया जाएगा। सक्रिय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपकर किसानों के बीच नियमित संपर्क बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझना और उन्हें सरकार तथा प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से उठाना है।
समन्वय बैठक में प्रदेश के किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। खाद और बीज की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, सिंचाई सुविधाओं, कृषि उपज के उचित मूल्य तथा सरकारी नीतियों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की जायज मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए संगठन को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
बैठक में किसानों के आंदोलनों के प्रति सरकार के कथित दमनकारी रवैये पर भी सवाल उठाए गए। किसान कांग्रेस ने किसानों के अधिकारों और मांगों के समर्थन में लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस ने तय किया कि किसानों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान की मांग उठाने के लिए प्रदेशभर में संगठित अभियान चलाया जाएगा। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता किसानों के बीच पहुंचकर उनकी जरूरतों और परेशानियों की जानकारी लेंगे तथा संबंधित मुद्दों को प्रशासन और सरकार के समक्ष रखेंगे।
बैठक में यह संदेश दिया गया कि किसान कांग्रेस का लक्ष्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि किसानों के हक, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना भी है। धर्मेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में संगठन को अधिक सक्रिय बनाते हुए प्रदेश के किसानों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने की रणनीति पर सहमति बनी।
‘जय जवान, जय किसान’ के संकल्प के साथ बैठक में किसान हितों की रक्षा और संगठन को प्रदेशभर में मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।