मध्यप्रदेश में पशुओं को घर पहुंच मिल रहा इलाज, 406 चलित पशु चिकित्सा इकाइयों से अब तक लगभग 25 लाख से अधिक पशुओं का उपचार
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मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों और किसानों की सुविधा के लिए पशुओं को घर पहुंच इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में संचालित 406 चलित पशु चिकित्सा इकाइयों (मोबाइल वेटरनरी यूनिट) के माध्यम से अब तक 25 लाख से अधिक पशुओं का उनके घर पर ही उपचार किया जा चुका है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित इस सुविधा से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के पशुपालकों को बीमार पशुओं को लेकर पशु चिकित्सालय जाने की परेशानी से राहत मिल रही है। साथ ही समय और परिवहन खर्च की बचत भी हो रही है।
पशुपालकों के घर पहुंच रहे पशु चिकित्सक
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के बीमार होने पर उन्हें पशु चिकित्सालयों तक ले जाना कठिन होता है। खासकर दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में चलित पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों को घर पर ही उपचार की सुविधा उपलबध कराई जा रही है। इससे पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल आसान हो रही है और समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
1962 पर निशुल्क कॉल करें, घर पहुंचेगा चिकित्सा दल
पशुपालक, किसान अपने बीमार पशुओं के उपचार के लिए टोल-फ्री नंबर 1962 पर नि:शुल्क कॉल कर सकते हैं। सूचना दर्ज होने के बाद चलित पशु चिकित्सा इकाई के माध्यम से पशु चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ पशुपालक के घर पहुंचकर पशु का उपचार करेंगे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
मध्यप्रदेश सरकार ने 406 चलित पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से पशुओं को घर पहुँचाकर इलाज की सुविधा शुरू की है। यह पहल किसानों और पशुपालकों को सुविधा देती है, जिससे वे अपने पशुओं का उपचार बिना यात्रा के करवा सकते हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पशुपालन की दक्षता बढ़ेगी, पशु स्वास्थ्य में सुधार होगा और उत्पादन में वृद्धि होगी। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक है: किसानों की आर्थिक बोझ कम होगी, पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा, और खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण आय में सु