मध्यप्रदेश पुलिस के वीर जवानों ने निर्धारित समय-सीमा से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने में सफलता प्राप्त की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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इससे पूर्व दीक्षांत परेड समारोह में राष्ट्रीय निशान टोली के आगमन के साथ पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान की धुन प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद नव प्रशिक्षित अधिकारियों ने अनुशासन, समर्पण और कर्तव्य निष्ठा का परिचय देते हुए सधे हुए कदमों और उत्कृष्ट तालमेल से परेड मार्च किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड की सलामी लेकर निरीक्षण किया। परेड में अधिकारियों ने प्रदेश और राष्ट्र की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशिक्षु अधिकारियों के परिजन उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी तत्परता, कर्तव्य निष्ठा और साहस से उत्कृष्ट प्रतिमान स्थापित किए हैं। प्रदेश का चंबल और रीवा अंचल दशकों तक दस्यु समस्या से प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस ने अपनी कुशल कार्य क्षमता से इसका उन्मूलन किया। इसके बाद नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाकर प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के वीर जवानों ने निर्धारित समय-सीमा से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने में सफलता प्राप्त की। मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि अपराध की चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। युवा पुलिस अधिकारी आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करें और अपने कर्तव्य के मार्ग पर ऐसा जीवन जिएं, जो समाज के लिए आदर्श बने।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा पुलिस अधिकारी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए रील बनाने से अधिक रियल प्रॉब्लम सुलझाने पर ध्यान दें। सोशल मीडिया का उपयोग आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और उनकी सहायता के लिए करें। पुलिस अधिकारी गरीबों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए देवदूत की तरह कार्य करें।
ऐसे अधिकारी बनें, जिनका सम्मान समाज के प्रत्येक वर्ग में हो।