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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह का तीसरा और अंतिम दिन आज

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह का तीसरा और अंतिम दिन आज

सायं 6 30 बजे से कृषि आधारित और पारंपरिक लोक - जनजातीय नृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद सुविख्यात लोक गायक मामे खान एवं साथी, जैसलमेर द्वारा लोक गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। राजस्थान की माटी से जुड़े श्री मामे खान अपनी विशिष्ट आवाज, ऊर्जावान गायिकी और राजस्थानी लोक संगीत की समृद्ध परंपरा को वैश्विक मंचों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।

उनकी गायिकी में राजस्‍थान की सांस्कृतिक विरासत, लोकजीवन की सहजता और सुरों की अनूठी मिठास का सुंदर संगम मिलता है। उनकी प्रस्तुति में लोकगीतों की आत्मीयता और संगीत की जीवंत लय राज्योत्सव की अंतिम संध्या को विशेष रंग प्रदान करेगी। लोक एवं जनजातीय संस्कृति और राजस्थान के लोक संगीत का यह संगम राज्योत्सव के समापन दिवस को स्‍मरणीय बनाएगा।

वहीं समारोह के दूसरे दिन कल सोमवार को प्रदेश की गौरवशाली विरासत, समृद्ध लोक परंपराओं और विकास की जीवंत गाथा को समेटे राज्योत्सव में उत्साह और उमंग का अनूठा संगम देखने को मिला। परिसर में सजीं विविध प्रदर्शनियों ने जहां मध्यप्रदेश की विकास यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं और कृषि क्षेत्र में नवाचारों की झलक प्रस्तुत की, वहीं देशज व्यंजन मेले ने प्रदेश के स्वाद से नागरिकों को परिचित कराया।

साथ ही कृषि केंद्रित सेमिनार का आयोजन भी किया गया। सायंकाल लोक एवं जनजातीय नृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को साकार किया, जबकि ‘अनुगूँज–ब्रीदिंग फिएस्टा’ की सुरमयी वाद्य प्रस्तुतियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। राज्योत्सव का दूसरा दिन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता, रचनात्मक ऊर्जा और गौरवपूर्ण परंपराओं का उत्सव बनकर सामने आया।

पूर्वरंग अंतर्गत मध्‍यप्रदेश एवं अन्‍य राज्‍यों की लोक एवं जनजातीय नृत्‍य प्रस्‍तुतियां हुईं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।