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मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की तैयारी, अप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 71 स्वास्थ्य संस्थानों के काम में तेजी लाने के दिए निर्देश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की तैयारी, अप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 71 स्वास्थ्य संस्थानों के काम में तेजी लाने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और स्वीकृत कार्यों में अनावश्यक देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में कैबिनेट से अनुमोदित 71 स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें 29 नए स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं, जिनके प्रशासनिक अनुमोदन जारी हो चुके हैं। इनके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर काम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही 42 स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन की योजना पर भी चर्चा हुई। इनमें 22 संस्थानों का उन्नयन पीआईयू और 20 का मध्यप्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से किया जाएगा। राजेंद्र शुक्ल ने निर्माण एजेंसियों को नियमित निगरानी और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया।

आपातकालीन सेवाओं से लेकर अस्पताल प्रबंधन तक सुधार पर जोर

स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस सेवाओं की सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध होनी चाहिए। सेवा में होने वाली देरी और व्यावहारिक समस्याओं की नियमित समीक्षा कर जरूरी सुधार किए जाएं, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।

अस्पतालों की प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने के लिए अस्पताल प्रबंधकों की काउंसलिंग शीघ्र आयोजित कर पदस्थापना प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती, प्रतीक्षा सूची से चयन तथा विभागीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन और साक्षात्कार की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

मेडिकल कॉलेजों में कैंसर उपचार और डायलिसिस सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा

प्रदेश के पांच पुराने मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागों के विकास तथा आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई। इन प्रयासों का लक्ष्य मेडिकल कॉलेजों में कैंसर उपचार की सुविधाओं को मजबूत करना है। इसके अतिरिक्त डायलिसिस सेवाओं के संचालन के लिए नए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला अस्पतालों में नए पदों के सृजन, सीसीएचबी के अंतर्गत लगभग चार हजार नए पदों की स्वीकृति और सुषेण योजना के विस्तार से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श हुआ। रीवा, ग्वालियर और जबलपुर मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन से जुड़े विषय भी समीक्षा में शामिल रहे। इन प्रस्तावों के जरिए स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता बढ़ाने, चिकित्सकीय मानव संसाधन को मजबूत करने और प्रदेश में उपचार सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया।

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य अधोसंरचना, चिकित्सकीय मानव संसाधन और सेवाओं की गुणवत्ता पर एक साथ ध्यान दिया जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समय पर आगे बढ़ाने को कहा, ताकि मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुलभ, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रगति हो सके।

बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी, आयुक्त धनराजू एस., अपर संचालक स्वास्थ्य मनोज कुमार सरयाम सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।