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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खण्डपीठ ने राज्य परिवहन प्राधिकरण गठन अधिसूचना को माना वैध

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खण्डपीठ ने राज्य परिवहन प्राधिकरण गठन अधिसूचना को माना वैध

ग्वालियर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खण्डपीठ मे निजी बस ऑपरेटर हरिशंकर सिंह पटेल एवं अन्य द्वारा रिट याचिका क्रमांक 15560/2026 दायर किया गया जिसमे राज्य परिवहन प्राधिकरण के गठन से संबंधित राज्य शासन की अधिसूचना 10 अगस्त 2026 की वैधता को चुनौती दी गई थी।

न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया एवं न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला द्वारा वादी पक्ष को नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान कर सुना गया ओर राज्य शासन द्वारा भी माननीय न्यायालय के समक्ष अधिसूचना की वैधानिकता के अनुरूप सशक्त पक्ष रखे गए।

न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों के अभिवचनो को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना को विधि के अनुरूप एवं वैध माना गया तथा रिट याचिका क्रमांक 15560/2026 को खारिज कर राज्य शासन को विधि के अनुसार आगे की कार्यवाही करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई। इस निर्णय से राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना की वैधानिकता की पुष्टि होने से इससे संबंधित वैधानिक प्रावधानों के अनुसार राज्य शासन को आगे की कार्यवाही करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि इस याचिका के निरस्त होने से अंतरराज्यीय परमिट आवेदनों एवं अन्य संबंधित विषयों पर राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।