महंगा पेट्रोल जेब पर भारी, लेकिन ट्रंप बोले- तेल कंपनियां बहुत कमा रहीं
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ईरान युद्ध के बीच जहां आम लोग पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं, वहीं दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों की कमाई में भारी उछाल देखने को मिला है.
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेल और गैस कंपनियों में निवेश को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है.
अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेटिक सदस्यों के एक विश्लेषण के मुताबिक, ट्रंप के तेल और गैस से जुड़े निवेश की कीमत बढ़कर 81.6 मिलियन डॉलर यानी करीब 7,000 करोड़ रुपये तक हो सकती है.
बड़ी बात यह है कि इनमें एक्सॉनमोबिल और शेवरॉन जैसी दो बड़ी कंपनियों के शेयर भी शामिल हैं.
ट्रंप के निवेश में कितना हुआ इजाफा?
कांग्रेस की जॉइंट इकोनॉमिक कमेटी के डेमोक्रेट्स के मुताबिक, 2025 के आखिर में ट्रंप के तेल और गैस निवेश की अनुमानित कीमत 12.6 मिलियन से 46 मिलियन डॉलर के बीच थी.
अब यह बढ़कर 22.5 मिलियन से 81.6 मिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च से अगस्त के बीच उनके निवेश खातों से तेल और गैस कंपनियों के 4.7 मिलियन से 17.5 मिलियन डॉलर तक के शेयर खरीदे गए, जबकि कुछ शेयर बेचे भी गए.
इनमें शेवरॉन और एक्सॉनमोबिल में उनका सबसे ज्यादा निवेश बताया गया है.
शेवरॉन के शेयरों की अनुमानित कीमत 23.1 मिलियन डॉलर और एक्सॉनमोबिल की 18.4 मिलियन डॉलर तक हो सकती है.
हालांकि, व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप के निवेश का प्रबंधन स्वतंत्र वित्तीय संस्थान करते हैं और राष्ट्रपति या उनका परिवार शेयर खरीदने-बेचने के फैसलों में दखल नहीं देता.
आम लोगों की जेब पर भी पड़ा असर
अमेरिका में युद्ध के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई.
डेमोक्रेटिक कमेटी के अनुमान के मुताबिक, अमेरिकी परिवारों ने पेट्रोल पर करीब 101 अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च किए.
महंगे ईंधन का असर सिर्फ गाड़ी चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे ट्रांसप
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar