महाराष्ट्र सरकार ने MPSC में सुधार के लिए कमेटी बनाई:तुकाराम मुंढे को सेक्रेटरी बनाया गया; 5 महीनों से सड़क पर प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट्स
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महाराष्ट्र सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग (MPSC) में सुधार के लिए रविवार को एक कमेटी बनाई। इसमें फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे को सदस्य सचिव बनाया गया है। राज्य के मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को कमेटी बनाने की जानकारी दी।
कमेटी के अध्यक्ष पूर्व जज दिलीप भोसले होंगे। इसमें आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व आईएएस अधिकारी गणेश पाटिल और रिटायर्ड जज पीडी नाइक भी शामिल होंगे। दरअसल, छत्रपति संभाजीनगर में 30 जून को MPSC की परीक्षाएं कंप्यूटर पर कराने के फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन शुरू किया था।
अभ्यर्थियों की मांग थी कि परीक्षाएं ऑफलाइन कराई जाएं। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से तीन हफ्ते के भीतर जवाब मांगा मंत्री ने प्रदर्शनकारियों की अन्य मांगें भी पूरी करने का भरोसा दिया। इनमें आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर दर्ज केस वापस लेना, तीन साल में 70 हजार पदों पर भर्ती करना, जनवरी में होने वाली ग्रुप-सी परीक्षा में सीटें बढ़ाना और MPSC के अध्यक्ष व सचिव की नियुक्ति से पहले उनके बैकग्राउंड की जांच करना शामिल है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर को इस पर सुनवाई की थी और 70 हजार खाली पदों और भर्ती प्रक्रिया पर महाराष्ट्र सरकार से तीन हफ्ते के भीतर जवाब मांगा। सरकार को तीन सप्ताह के भीतर भर्ती का रोडमैप पेश करना होगा। साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आयोग की जांच कराने की बात कही। ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा इंटरव्यू के बाद रद्द हुई अगस्त में ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामला सामने आया था।
MPSC ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पोस्ट के लिए भर्ती प्रक्रिया पेपर लीक के बाद रद्द कर दी थी। ये परीक्षा 22 मार्च 2026 को हुई थी और जुलाई में इसका रिजल्ट जारी होने के बाद इंटरव्यू हुए थे। इसके बाद प्रशासन के खिलाफ कैंडिडेट्स का आक्रोश ओर बढ़ गया।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग (MPSC) में सुधार के लिए एक कमेटी गठित की है, जिसमें तुकाराम मुंढे को सचिव बनाया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि 5 महीनों से सड़क पर प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों की शिकायतें और आयोग की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांगें बढ़ रही हैं। कमेटी के अध्यक्ष पूर्व जज दिलीप भोसले और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह पहल MPSC की कार्यप्रणाली को तेज और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि सुधार सफल रहे तो नागरिकों को परीक्षाओं और नियुक्तियों के लिए