महासमुंद में अर्नब तूफान का असर, तेज हवाओं और बारिश से धान की फसल को नुकसान; किसानों ने मांगा मुआवजा
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महासमुंद। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से महासमुंद जिले में पिछले 24 घंटे से तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। खराब मौसम के कारण खेतों में पककर तैयार हो रही धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं से धान की फसल खेतों में बिछ गई है, जबकि कई स्थानों पर धान की बालियां पानी में डूब गई हैं। धान के साथ सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। फसल प्रभावित होने से चिंतित किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 41.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पिथौरा तहसील में सर्वाधिक 67 मिलीमीटर, जबकि कोमाखान तहसील में सबसे कम 21.6 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों को फसल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सता रही है।
जिला प्रशासन अलर्ट, महानदी किनारे बसे गांवों में चेतावनी
चक्रवात और संभावित भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 29 अक्टूबर को जिले के सभी विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, महानदी के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिले की सभी छह तहसीलों के राजस्व निरीक्षकों और परिवीक्षाधीन पटवारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
फसल नुकसान के आकलन के निर्देश
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, फिलहाल जिले में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं।
बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित किसान अब फसल नुकसान के आकलन और संभावित मुआवजे को लेकर सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
योगेश्वर चंद्राकर, किसान जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, किसान नेता
विनय कुमार लंगेह, कलेक्टर, महासमुंद।