महिला किसान दिवस पर कृषक-वैज्ञानिक संवाद, ऊंटनी के दूध से आय बढ़ाने के बताए तरीके
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राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर बीकानेर स्थित राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र में कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिला पशुपालकों को ऊंटनी के दूध से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने, स्वच्छ दूध उत्पादन और वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी दी गई।
बीकानेर, 15 अक्टूबर। राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी), बीकानेर में कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जोड़बीड़ क्षेत्र की 32 महिला किसानों सहित कुल 39 किसानों ने भाग लिया। इस दौरान महिला पशुपालकों को वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने महिला किसानों को ऊंटनी के दूध से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने, स्वच्छ दूध उत्पादन, चारा प्रबंधन और ऊंटों के स्वास्थ्य एवं देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। साथ ही, केंद्र की डेयरी प्रौद्योगिकी एवं प्रसंस्करण इकाई में दूध से तैयार विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया, ताकि महिला पशुपालक इन उत्पादों के माध्यम से आय बढ़ाने के नए अवसरों को समझ सकें।
केंद्र के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने महिला किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ने और पशुपालन के क्षेत्र में उनकी भूमिका को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने महिला पशुपालकों को उपलब्ध तकनीकों का लाभ उठाकर अपनी आजीविका को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
वहीं, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बसंती ज्योत्सना सहित केंद्र के वैज्ञानिकों ने महिला पशुपालकों से संवाद किया और उनकी समस्याओं का समाधान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों से अवगत कराना और ऊंटनी के दूध से बनने वाले उत्पादों के जरिए उनकी आय बढ़ाने के नए रास्ते उपलब्ध कराना रहा।