अपराध

महिलाओं की सुरक्षा और डिजिटल अधिकारों के प्रति जागरूकता जरूरी: विद्या नेगी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
महिलाओं की सुरक्षा और डिजिटल अधिकारों के प्रति जागरूकता जरूरी: विद्या नेगी

महिला आयोग ने बिलासपुर में स्टॉकिंग एवं साइबर अपराध पर आयोजित किया एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

नवंबर 04, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं को स्टॉकिंग (अनुचित तरीके से पीछा करने), साइबर अपराध एवं ऑनलाइन उत्पीड़न के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज जिला परिषद सभागार, बिलासपुर में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने की।

इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। डिजिटल युग में महिलाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के अपराधों के प्रति जागरूक एवं सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्टॉकिंग को सामान्य व्यवहार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह महिलाओं की निजता, स्वतंत्रता और सुरक्षा को प्रभावित करने वाला गंभीर अपराध है।

महिलाओं को ऐसे मामलों में चुप रहने के बजाय आगे आकर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता, जागरूकता और समय पर शिकायत दर्ज करवाना बेहद जरूरी है। आमजन को फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन खरीदारी करने से बचना चाहिए तथा किसी भी वेबसाइट की विश्वसनीयता की जांच करने के बाद ही ऑनलाइन भुगतान करना चाहिए।

उन्होंने संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी गोपनीय रखने की भी अपील की। विद्या नेगी ने कहा कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं, ताकि धोखाधड़ी से संबंधित लेनदेन पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने महिलाओं से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना आवश्यक है, जहां प्रत्येक महिला बिना किसी भय के अपनी बात रख सके और अपने अधिकारों का उपयोग कर सके।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और डिजिटल स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कानूनी जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता भी आवश्यक है। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज और साइबर अपराध मुक्त वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने स्टॉकिंग, महिलाओं के विरुद्ध साइबर अपराध, ऑनलाइन उत्पीड़न, डिजिटल भुगतान में सावधानियों तथा साइबर सुरक्षा से जुड़े कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

आयोग के विधि अधिकारी यशपाल शर्मा ने स्टॉकिंग के विभिन्न कानूनी पहलुओं से अवगत करवाते हुए बताया कि किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध बार-बार उसका पीछा करना, संपर्क करने का प्रयास करना अथवा उसकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना स्टॉकिंग की श्रेणी में आता है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 78 के तहत इसे दंडनीय अपराध बताते हुए कानूनी प्रावधानों एवं शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

बाल विकास परियोजना अधिकारी घुमारवीं रंजना ने स्टॉकिंग एवं महिलाओं से जुड़े विभिन्न सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।

उन्होंने महिलाओं से इन योजनाओं का लाभ उठाने तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने का आह्वान किया। यूको बैंक के प्रतिनिधि विजय दीवान ने डिजिटल भुगतान एवं साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी देते हुए ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई लेनदेन, ओटीपी की गोपनीयता, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए।

उन्होंने ऑनलाइन लेनदेन करते समय विशेष सावधानी बरतने तथा अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। एएसआई राजेंद्र सिंह ने स्टॉकिंग एवं साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक और कानूनी पहलुओं पर जानकारी देते हुए महिलाओं को ऐसे मामलों की पहचान करने, समय रहते शिकायत दर्ज करवाने तथा उपलब्ध कानूनी सहायता एवं पुलिस व्यवस्था का लाभ उठाने के प्रति जागरूक किया।

आयोग की सदस्य नेहा वर्मा ने भी स्टॉकिंग एवं साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं जिम्मेदारी से उपयोग करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की सदस्य रीना पुंडीर एवं नेहा वर्मा, सदस्य सचिव बुशरा अंसारी विधि अधिकारी यशपाल शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त सदर उपमंडल की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न पंचायतों की महिला प्रधानों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।