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महुआ मोइत्रा का आरोप- बंगाल में मुस्लिम अधिकारियों से भेदभाव:दावा- UN मानवाधिकार विशेषज्ञ को लेटर लिखा, सरकार से जवाब मांगने की अपील की

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
महुआ मोइत्रा का आरोप- बंगाल में मुस्लिम अधिकारियों से भेदभाव:दावा- UN मानवाधिकार विशेषज्ञ को लेटर लिखा, सरकार से जवाब मांगने की अपील की

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल में अमित शाह के सरकारी कार्यक्रमों को लेकर UN में शिकायत की है। उन्होंने मुस्लिम IAS और IPS अफसरों को धर्म के आधार पर बाहर रखने का आरोप लगाया है। मोइत्रा ने UN अल्पसंख्यक मामलों के विशेष दूत प्रोफेसर निकोलस लेवरा को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि जुलाई और अगस्त में शाह के राज्य दौरे के दौरान तीन वरिष्ठ अफसरों को कार्यक्रमों से हटाया गया या आने से रोका गया।

मोइत्रा के मुताबिक, दूसरे धर्मों के अफसरों को कार्यक्रमों में शामिल होने दिया गया। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, इस खबर की पुष्टि नहीं की जा सकी है। लेटर में दावा- जुलाई और अगस्त में इवेंट हुए, अफसर बाहर रखे मोइत्रा ने यह पत्र मानवाधिकारों के लिए UN हाई कमिश्नर कार्यालय (OHCHR) के अल्पसंख्यक मामलों के विशेष दूत प्रोफेसर निकोलस लेवरा को लिखा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि तीन मौकों पर सीनियर मुस्लिम IAS और IPS अफसरों को कार्यक्रमों से बाहर किया गया। ये घटनाएं अमित शाह के जुलाई और अगस्त में पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान हुईं। मोइत्रा ने कहा कि इन अफसरों के दूसरे धर्मों के समकक्षों को कार्यक्रमों में मौजूद रहने की अनुमति दी गई। उन्होंने पत्र में लिखा, “इन तीनों अफसरों में एक बात समान है और जो बात उन्हें कार्यक्रम में रहने की अनुमति पाने वाले सहयोगियों से अलग करती है, वह उनका धर्म है।” महुआ ने लेटर में 3 अफसरों के नाम लिए मोइत्रा ने सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर वकार रजा, पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के प्रमुख जावेद शमीम और वरिष्ठ IAS अधिकारी खलील अहमद का जिक्र किया।

उन्होंने इन घटनाओं को “जानबूझकर बाहर रखने” का पैटर्न बताया। मोइत्रा ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से अल्पसंख्यक समुदायों के भरोसे और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। भारत सरकार से जवाब मांगने की अपील TMC नेता ने विशेष दूत से भारत सरकार से अफसरों को बाहर रखने के कारण और इसके लिए जिम्मेदार प्राधिकरण की जानकारी मांगने की अपील की।

उन्होंने अमित शाह के दौरों से जुड़े CCTV फुटेज, टूर डायरी और दूसरे रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की भी मांग की। मोइत्रा ने अपनी शिकायत में यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स और इंटरनेशनल कोवनेंट ऑन सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स के प्रावधानों का हवाला दिया। मोइत्रा ने कुछ दिन पहले इस मामले को लेकर ट्वीट किया था

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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