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मैहर- जिले की मातृ शक्ति ने रचा इतिहास, एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में दर्ज हुआ नाम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मैहर- जिले की मातृ शक्ति ने रचा इतिहास, एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में दर्ज हुआ नाम

आयोजकों के अनुसार प्रस्तुति को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। रिकॉर्ड टीम ने निर्धारित मानकों के अनुसार प्रस्तुति दी गई। इसके बाद मंच पर प्रमाण पत्र सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मैहर वासी मौजूद रहे। बच्चों की लय और ताल ने वहां मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोगों ने तालियां बजाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

यह उपलब्धि मैहर सहित मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इस दौरान कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि मैहर के बेटे-बेटियों ने प्रतिभा, समर्पण और अनुशासन के साथ जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड जजमेंट अधिकारी बी के जैन ने बताया कि, एक साथ 3430 छात्रों के द्वारा सामूहिक कत्थक की प्रस्तुति दी गई है.

जिसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. इसके पहले का रिकॉर्ड 1400 छात्रों का रहा है. जिन्होंने सामूहिक कत्थक की प्रस्तुति दी गई थी. लेकिन आज यह रिकॉर्ड मैहर के फुटबॉल ग्राउंड पर टूटा है. जिसमें 3430 छात्रों ने एक साथ 9 मिनट से अधिक समय तक कथक की प्रस्तुति दी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।