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मैहर ने रचा इतिहास: 3,430 विद्यार्थियों ने सामूहिक कथक से बनाया एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान

लेखक: Neeraj Verma अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मैहर ने रचा इतिहास: 3,430 विद्यार्थियों ने सामूहिक कथक से बनाया एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान

11 मिनट तक फुटबॉल मैदान में गूंजती रही कथक की थाप, मैहर गौरव दिवस पर मां शारदा की नगरी को मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

मैहर। मां शारदा की पावन नगरी मैहर ने गौरव दिवस के अवसर पर सामूहिक कथक नृत्य की ऐतिहासिक प्रस्तुति देकर अपनी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई दी। मैहर के फुटबॉल मैदान में 3,430 छात्र-छात्राओं ने एक साथ 11 मिनट तक कथक नृत्य प्रस्तुत कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। आयोजन को एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।

एक साथ थिरके हजारों कदम, सांस्कृतिक एकता का दिखा अद्भुत नजारा

गौरव दिवस पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मैहर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। निर्धारित समय पर हजारों विद्यार्थियों ने एक साथ कथक की प्रस्तुति शुरू की तो पूरा फुटबॉल मैदान सांस्कृतिक ऊर्जा और उत्साह से भर उठा।

3,430 विद्यार्थियों की 11 मिनट की सामूहिक प्रस्तुति अनुशासन, समन्वय और भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रति समर्पण का उदाहरण बनी। विद्यार्थियों की एक जैसी वेशभूषा, तालबद्ध कदम और आकर्षक नृत्य मुद्राओं ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रस्तुति पूरी होने पर मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

मैहर के विद्यार्थियों ने प्रतिभा और एकजुटता से बढ़ाया जिले का गौरव

इस आयोजन में छात्राओं की उल्लेखनीय भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने अपनी कला और प्रतिभा के माध्यम से दिखाया कि उचित अवसर और मंच मिलने पर छोटे शहरों के युवा भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

सामूहिक कथक प्रस्तुति के दौरान उपस्थित दर्शकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सामूहिकता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करने वाला अवसर भी बना।

प्रमुख अतिथियों की मौजूदगी में मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री राधा सिंह, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे मैहर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। आयोजन को सफल बनाने में जुटे विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों और अन्य सहयोगियों के प्रयासों की भी प्रशंसा की गई।

एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई प्रस्तुति

आयोजन के बाद एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने सामूहिक कथक प्रस्तुति की उपलब्धि को प्रमाणित किया। इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

मैहर संगीत और कला की समृद्ध परंपरा के लिए जाना जाता है। ऐसे में हजारों विद्यार्थियों की एक साथ कथक प्रस्तुति को रिकॉर्ड के रूप में मान्यता मिलना जिले की सांस्कृतिक पहचान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विद्यार्थियों को अपनी कला और परंपरा से जुड़ने के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलेगी।

मैहर गौरव दिवस बना यादगार

मैहर गौरव दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले को एक ऐसी सामूहिक उपलब्धि दी, जिसमें विद्यार्थियों की मेहनत, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और आयोजन से जुड़े लोगों का सहयोग दिखाई दिया। इतने बड़े स्तर पर विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर तालबद्ध प्रस्तुति देना चुनौतीपूर्ण था, जिसे प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक पूरा किया।

3,430 छात्र-छात्राओं की इस उपलब्धि से मैहर सहित पूरे जिले में खुशी का माहौल है। अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिकों ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए इसे पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया।

मां शारदा की नगरी में हजारों विद्यार्थियों का एक साथ कथक की ताल पर थिरकना और एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान बनाना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। मैहर ने गौरव दिवस पर अपनी सांस्कृतिक विरासत, सामूहिक प्रयास और युवा प्रतिभा की ताकत का प्रभावशाली परिचय दिया।

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Neeraj Verma

नीरज वर्मा मुरैना के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो जनता का संदेश के लिए मुरैना की राजनीति से लेकर सामाजिक समस्याओं को कवर करते हैं।