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माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने खोला मोर्चा, सिरमौर के संगड़ाह में अवैज्ञानिक तरीके से हो रहा खनन बना परेशानी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने खोला मोर्चा, सिरमौर के संगड़ाह में अवैज्ञानिक तरीके से हो रहा खनन बना परेशानी

अक्तूबर 16,सिरमौर (हिमाचल प्रदेश): सिरमौर जिला के संगड़ाह क्षेत्र में हो रहे अवैज्ञानिक खनन को लेकर ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि खनन के कारण जहां पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, वहीं खेतों में मलबा आने से फसलों और पेड़-पौधों को भी नुकसान हो रहा है।

जिला मुख्यालय नाहन में आज पर्यावरण संरक्षण के लिए स्थानीय लोगों द्वारा गठित वसुंधरा संस्था और पूर्व सैनिकों द्वारा गठित पहाड़ी समाज पर्यावरणी कवच संस्था ने सयुंक्त पत्रकार वार्ता कर अवैज्ञानिक तरीके से हो रहे खनन पर चिंता जाहिर की। वसुंधरा संस्था के अध्यक्ष रंजीत चौहान ने बताया कि पिछले लंबे समय से सिरमौर जिला के संगड़ाह क्षेत्र में अवैज्ञानिक खनन चल रहा है जो स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है।

खनन से निकलने वाला मलबा खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलों और पेड़-पौधों को नुकसान हो रहा है। वहीं खनन से बार बार सड़क मार्ग को भी क्षति पहुंच रही है जिससे आए दिन जाम की स्तिथि पैदा हो जाती है। पहाड़ी समाज पर्यावरणी कवच के अध्यक्ष मेजर जनरल अतुल कौशिक ने बिगड़ती पर्यावरण स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में फोरलेन विस्तार और अन्य निर्माण कार्यों के दौरान भी पर्यावरण को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। ऐसे में सरकार को विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के लिए गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। दोनों संस्थाओं ने नाहन में आज उपायुक्त सिरमौर को ज्ञापन सौंपकर अवैज्ञानिक तरीके से हो रहे खनन पर रोक तुरंत रोक लगाने की माँग की।

बाईट: रणजीत चौहान, अध्यक्ष वसुंधरा संस्था

बाईट: अतुल कौशिक, अध्यक्ष पीएसपीके व सेवानिवृत्त मेजर जनरल

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।