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मंदसौर में दीपावली की रौनक, कुम्हार परिवारों ने तैयार किए लाखों मिट्टी के दीये; 40 साल से परंपरा को दे रहे नई रोशनी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मंदसौर में दीपावली की रौनक, कुम्हार परिवारों ने तैयार किए लाखों मिट्टी के दीये; 40 साल से परंपरा को दे रहे नई रोशनी

कुम्हार मोहल्ले में दिन-रात चाक पर दीये बनाने में जुटे कारीगर;

बाबूलाल प्रजापति इस सीजन में तैयार कर रहे डेढ़ से दो लाख दीये, वोकल फॉर लोकल से पारंपरिक कला को मिल रहा बढ़ावा।

मंदसौर, नवंबर 03: में दीपावली के त्योहार को लेकर मिट्टी के दीये बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा है। वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के साथ ही कुम्हार परिवार पारंपरिक कला और मिट्टी के दीयों की संस्कृति को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। शहर के कुम्हार मोहल्ले में पुरुष और महिलाएं दिन-रात चाक पर दीये बनाने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने में लगे हैं।

दीये बनाने वाले कलाकार बाबूलाल प्रजापति ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से इस काम से जुड़े हैं। मिट्टी दूर से लानी पड़ती है और काफी मेहनत करनी होती है। वे दीपावली के सीजन में डेढ़ से दो लाख दीये तैयार करते हैं। आधुनिक सजावट के दौर में भी मिट्टी के दीयों की मांग और परंपरा बरकरार है।

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बाइट – बाबूलाल प्रजापति, दीया निर्माता बाइट- दीपिका प्रजापति, कुम्हार

बाइट- दिव्यांक सिंह, कलेक्टर, मंदसौर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।