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मंगल भवन के बाद अब कन्वेंशन सेंटर पर घमासान:महापौर ने टेंडर रद्द करने का किया दावा, नगर आयुक्त बोले- कंपनी को हैंडओवर करेंगे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मंगल भवन के बाद अब कन्वेंशन सेंटर पर घमासान:महापौर ने टेंडर रद्द करने का किया दावा, नगर आयुक्त बोले- कंपनी को हैंडओवर करेंगे

कानपुर नगर निगम में महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के बीच चल रही खींचतान अब नए मुद्दे पर पहुंच गई है। मंगल भवन की कमेटियां भंग किए जाने के बाद अब कन्वेंशन सेंटर के संचालन और रखरखाव के टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 9 अक्टूबर को हुई कार्यकारिणी की बैठक में महापौर ने कन्वेंशन सेंटर का टेंडर निरस्त करने का फैसला होने की बात कही थी।

वहीं, अभी भी नगर आयुक्त का कहना है कि कंपनी के साथ एमओयू और एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। अब हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी कराकर जल्द संचालन शुरू कराने की तैयारी है। महापौर-नगर आयुक्त के अलग-अलग रुख से नगर निगम के भीतर खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है, लेकिन इन सब विवादों के बीच शहर का विकास किनारे हो चला है।

कहां से शुरू हुआ विवाद?

नगर निगम में विवाद की शुरुआत मंगल भवन की निगरानी और संचालन से जुड़ी कमेटियों को भंग किए जाने के बाद तेज हुई थी। बेनाझाबर स्थित ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क में बने मंगल भवन को लेकर महापौर प्रमिला पांडेय ने कमेटियां भंग करने पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इस संबंध में नगर निगम की कार्यकारिणी और सदन की स्वीकृति का ध्यान नहीं रखा गया।

कमेटियों में महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी विशेष आमंत्रित सदस्य थे। मंगल भवन के बाद अब कन्वेंशन सेंटर पर सवाल इस मामले के बाद अब चुन्नीगंज स्थित कन्वेंशन सेंटर को लेकर महापौर और कार्यकारिणी के सदस्यों ने सवाल उठाए हैं। 9 अक्टूबर को कार्यकारिणी की बैठक में महापौर ने सेंटर के संचालन और रखरखाव के लिए बालाजी इंटरप्राइजेज को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।

उन्होंने पूछा कि जब सेंटर की आय नगर निगम और स्मार्ट सिटी के बीच 50-50 प्रतिशत बांटने की व्यवस्था तय थी, तो कार्यकारिणी या सदन की संस्तुति के बिना टेंडर किस आधार पर किया गया। महापौर ने सेंटर से होने वाली आय का ब्योरा भी मांगा। इसके बाद बैठक में महापौर ने कार्यकारिणी सदस्यों के साथ टेंडर निरस्त करने का फैसला लिया।

इस घटनाक्रम ने नगर निगम के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और अधिकारों को लेकर चल रही खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है। नगर आयुक्त बोले- एमओयू हो चुका, जल्द हैंडओवर करेंगे महापौर की आपत्तियों के बीच नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कन्वेंशन सेंटर के हैंडओवर की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की बात कही है।

उनका कहना है कि सेंटर के संबंध में एमओयू और एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। फिलहाल हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रयास है कि जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी कराकर सेंटर को उस निजी कंपनी के हवाले किया जाए, जिसे इसके संचालन की जिम्मेदारी मिली है। इसके बाद सेंटर का संचालन शुरू कराया जा सकेगा।

यानी एक तरफ कार्यकारिणी की बैठक में टेंडर निरस्त करने का फैसला लिए जाने का दावा है, तो दूसरी तरफ नगर आयुक्त पहले से हस्ताक्षरित समझौते के आधार पर हैंडओवर की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कह रहे हैं। महापौर और नगर आयुक्त के बीच अधिकारों की लड़ाई शुरू हो गई है और शहर में सड़क, जलभराव, सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे किनारे हो गए हैं।

दो बार पूरी नहीं हुई प्रक्रिया, तीसरी बार चार करोड़ का टेंडर कन्वेंशन सेंटर के रखरखाव और संचालन के लिए पहले दो बार टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। इसके बाद तीसरी बार करीब चार करोड़ रुपये का टेंडर हुआ। अब श्री बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर को इसके रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रक्रिया को लेकर कार्यकारिणी में सवाल उठे हैं।

96.10 करोड़ की लागत से बना कन्वेंशन सेंटर कन्वेंशन सेंटर कानपुर के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। 96.10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सेंटर का उद्देश्य शहर में बड़े कारोबारी आयोजन, ट्रेड फेयर, प्रदर्शनियां, प्रोडक्ट लॉन्च, बिजनेस कॉन्फ्रेंस और B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) मीटिंग्स के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

कारोबार को नई पहचान देने की क्षमता अब तक ऐसे बड़े आयोजनों के लिए स्थानीय कारोबारियों को कई बार दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। सेंटर शुरू होने पर उद्यमियों को अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाने और देश-विदेश के खरीदारों, सप्लायरों, डीलरों और निवेशकों को कानपुर में आमंत्रित करने का अवसर मिलेगा।

इससे शहर में कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। प्रदर्शनी हॉल, 300 लोगों का कॉन्फ्रेंस हॉल कन्वेंशन सेंटर शहर को कारोबार के क्षेत्र में नई संभावनाएं दे सकता है। यहां प्रदर्शनियों के लिए 16 हजार वर्गफुट और 12 हजार वर्गफुट के दो विशाल हॉल बनाए गए हैं। इसके अलावा 300 लोगों की क्षमता वाला एक कॉन्फ्रेंस हॉल और 100-100 लोगों के बैठने की क्षमता वाले तीन मीटिंग रूम तैयार किए गए हैं।

बाहर से आने वाले कारोबारियों और विशिष्ट मेहमानों के ठहरने के लिए परिसर में छह अतिथि कमरे और दो लग्जरी सुइट बनाए गए हैं। खानपान के लिए आठ हजार वर्गफुट में फूड कोर्ट तैयार किया गया है। वहीं, वाहनों की सुविधा के लिए 68 गाड़ियों की क्षमता वाली कवर्ड पार्किंग भी उपलब्ध है। इन सुविधाओं के चलते सेंटर बड़े व्यावसायिक आयोजनों के साथ बैठकों और कारोबारी संपर्क का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब संचालन शुरू होगा और आयोजन नियमित रूप से होने लगेंगे। विवादों में उलझा नगर निगम मंगल भवन की कमेटियों को भंग किए जाने से शुरू हुई नाराजगी के बाद कन्वेंशन सेंटर का मुद्दा सामने आने से महापौर और नगर आयुक्त के बीच मतभेद फिर उजागर हुए हैं। कार्यकारिणी के अधिकार, टेंडर प्रक्रिया, आय के बंटवारे और परियोजनाओं के संचालन को लेकर उठ रहे सवाल नगर निगम के प्रशासनिक कामकाज पर भी ध्यान खींचते हैं।

📡 स्रोत: NewsData.io

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