अपराध

मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत स्टाम्प शुल्क 100 रूपए किए जाने की प्रक्रिया जारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत स्टाम्प शुल्क 100 रूपए किए जाने की प्रक्रिया जारी

इसके तहत मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के माध्यम से धनराशि की वापसी की प्रक्रिया पर देय स्टाम्प शुल्क 1 हजार रूपए से घटाकर 100 रूपए किया जाएगा। इस निर्णय से संबंधित प्रक्रिया में पीड़ितों पर पड़ने वाला आर्थिक भार कम होगा और उन्हें अपनी धनराशि वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया में राहत मिलेगी। राज्य शासन की इस पहल से साइबर अपराध पीड़ितों के हितों की रक्षा और उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करने के प्रयासों को बल मिलेगा। साइबर ठगी के मामलों में धनराशि वापस दिलाने की प्रक्रिया को कम खर्चीला बनाना पीड़ित-केंद्रित व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राज्य शासन साइबर अपराधों की रोकथाम, नागरिकों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और साइबर अपराध से प्रभावित व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नागरिकों से अपील है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें और आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत स्टाम्प शुल्क 100 रूपए करने की नई प्रक्रिया साइबर अपराध से प्रभावित लोगों के लिए आर्थिक राहत का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई है ताकि पीड़ितों पर पहले लगे 1,000 रूपए के बोझ को कम किया जा सके और उन्हें अपनी खोई हुई धनराशि जल्दी और सस्ते में वापस मिल सके। इस कदम से न केवल आर्थिक तनाव घटेगा बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आएगी, जिससे आम जनता को डिजिटल अपराधों के खिलाफ विश्वास बढ़ेगा और वित्तीय सुरक्षा का अनुभव होगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।