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मणिपुर में उग्रवादियों ने 4 नगा लोगों की हत्या की:आरोपी म्यांमार से आए थे; बाजार बंद का ऐलान, इस साल अब तक 44 मौतें

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मणिपुर में उग्रवादियों ने 4 नगा लोगों की हत्या की:आरोपी म्यांमार से आए थे; बाजार बंद का ऐलान, इस साल अब तक 44 मौतें

मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार शाम चार नगा लोगों की हत्या कर दी गई। स्थानीय लोगों ने हत्या का आरोप कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के उग्रवादियों पर लगाया है। पुलिस के मुताबिक, हथियारों से लैस उग्रवादियों ने पिलोंग नगा गांव में ग्रामीणों पर गोलीबारी की थी। पिलोंग नगा गांव कामजोंग जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर है।

मृतकों की पहचान फामी जाजो, निंगथेम कसाक, बेटरसन जाजो और वरेइशिम जाजो के रूप में हुई है। इनमें वरेइशिम जाजो और फामी जाजो पिता-पुत्र थे। चारों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए कामजोंग जिला मुख्यालय लाए गए हैं। घटना के बाद तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) ने हत्याओं की निंदा करते हुए शुक्रवार सुबह 7 बजे से 24 घंटे के आपातकालीन बंद का ऐलान किया।

स्थानीय संगठनों के मुताबिक, फरवरी में शुरू हुई हिंसा के बाद इस साल अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है। अंतिम संस्कार की आवाजाही पर भी रोक नहीं तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) ने कहा कि बिजली, चिकित्सा और दमकल जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा जाएगा। अंतिम संस्कार और शोक सभा में जाने वाले लोगों की आवाजाही पर भी बंद लागू नहीं होगा।

वहीं, तांगखुल नागा युवाओं के संगठन खानुइथोट-खोन ने सीएम युमनाम खेमचंद सिंह के 28 सितंबर को उखरुल के होने वाले दौरे का विरोध किया है। संगठन के मुताबिक, हाल की हत्याओं और नागा बहुल इलाकों में हिंसा के बाद सुरक्षा स्थिति को देखते हुए उन्हें अपने दौरे पर दोबारा विचार करना चाहिए। संगठन ने राज्य और केंद्र सरकार से नगा नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने, हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और नगा बहुल इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

17 सितंबर- मणिपुर में चीनी ₹450kg तक बिक रही मणिपुर में कुकी और नगा समुदाय में तनाव के बीच पहाड़ी इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। 7 दिन से कई जगह स्कूल और बाजार बंद थी। 7 पहाड़ी जिलों से संपर्क प्रभावित है। सड़कों और हाईवे पर नाकेबंदी के कारण सामान्य आवाजाही मुश्किल हो गई है। हिंसा के चलते जरूरी सामान की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।

कांगपोकपी के कुछ गांवों में चीनी ₹400-450 किलो तक बिक रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लोग डर के कारण घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। खेतों में जाना और मेडिकल इमरजेंसी में अस्पताल या एयरपोर्ट पहुंचना भी मुश्किल हो गय

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार शाम उग्रवादियों ने चार नगा लोगों की हत्या कर दी, जिसके पीछे म्यांमार से आए कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के दावों का संदेह है। यह घटना राज्य में बढ़ते जातीय तनाव और सीमा पार उग्रवाद की परछाई को उजागर करती है। ऐसे कार्य न केवल क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालते हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों के बीच भय और अविश्वास को बढ़ाते हैं। जनता को इससे सामाजिक समरसता पर सवाल उठाने के अलावा, सुरक्षा उपायों और सीमा नियंत्रण की कड़ाई की आवश्यकता महसूस हो सकती है।

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