मणिपुरी संगीतकार को पीट-पीटकर मारने वाले 7 आरोपी पकड़े गए:इनमें एक नाबालिग, परिवार बोला- बदला नहीं, न्याय चाहिए; इंफाल में कैंडिल मार्च निकाला
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →दिल्ली में 54 साल के मणिपुर मूल के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या के आरोप में पुलिस ने 7 लोगों को पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग भी है। घटना 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे की है। दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में रहने वाले विक्रम सिंह अपने घर के नीचे डिलीवरी बॉय और स्थानीय ढाबे के कर्मचारियों के तेज शोर और हंगामे पर आपत्ति जताने गए थे।
सिंह की पत्नी जोशना के मुताबिक विक्रम की अपील के बाद विवाद बढ़ गया। 8 लोग विक्रम को उनके घर के दरवाजे तक आए और उनकी बेरहमी से पिटाई की। परिवार के सदस्यों ने दरवाजा खोला, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गए। सांस लेने में तकलीफ और ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने के बाद सिंह को हॉस्पिटल ले जाया गया।
जहां 7 सितंबर को सुबह 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। इधर, मणिपुर की राजधानी इंफाल में मंगलवार को सैकड़ों लोगों ने कैंडिल मार्च निकाला। विक्रम सिंह के परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि उन्हें बदला नहीं, बल्कि न्याय चाहिए। पत्नी बोलीं- पति शांतिपसंद संगीतकार थे जोशना चोंगथम ने कहा, “मैंने अपने पति को खो दिया और मेरे बेटे ने अपने पिता को खो दिया।
मेरे पति शांतिपसंद संगीतकार थे और शांतिपूर्ण जीवन जीते थे...
हमें उम्मीद है कि ऐसी घटना किसी और परिवार के साथ कभी नहीं होगी और न्याय मिलेगा।” विक्रम मणिपुर के वेस्टर्न म्यूजिक सीन में जाना-माना नाम थे। उन्होंने अल्ट्रा वाइर्स, फीनिक्स और ईस्टर्न डार्क जैसे बैंड के साथ गिटार बजाया था और वे मशहूर मणिपुरी गायिका चोंगथम कमला के सबसे बड़े बेटे थे।
दिल्ली में रहने वाले नॉर्थईस्ट के लोगों की सुरक्षा पर चिंता इस मामले ने नॉर्थईस्ट समुदाय के लोगों में दिल्ली में रहने वालों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पुलिस मामले की परिस्थितियों और हमले के मकसद की जांच कर रही है। इस बारे में आगे की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले पर आधारित है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने 7 आरोपी, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है, को गिरफ्तार किया है। यह घटना दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में 6 सितंबर 2026 की रात हुई, जब विक्रम सिंह ने अपने घर के नीचे के डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों के तेज शोर पर आपत्ति जताई। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहरी हिंसा, नाबालिग अपराधियों और न्याय प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाती है। आम जनता पर इसका असर सामाजिक शांति और नागरिक अधिक
🎙️ जनता का संदेश का मत
संगीत की धुनें समाज को एकजुट करती हैं, पर जब गुस्सा और गलतफहमी से हिंसा की राग बनती है, तो वह सबकी तान को ख़त्म कर देती है। विवादों को कानूनी मार्ग, संवाद और सहानुभूति से सुलझाना चाहिए। हर जीवन अनमोल है; किसी भी परिस्थिति में हिंसा का कोई स्थान नहीं। हमें शांतिपूर्ण संवाद, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से एक सुरक्षित, सहिष्णु समाज का निर्माण करना चाहिए।