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मनोज जरांगे ने 20 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म की:महाराष्ट्र सरकार को 3 महीने का समय दिया; मराठा आरक्षण की मांग कर रहे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026 👁️ 8 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
मनोज जरांगे ने 20 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म की:महाराष्ट्र सरकार को 3 महीने का समय दिया; मराठा आरक्षण की मांग कर रहे

मराठा एक्टिविस्ट मनोज जरांगे पाटिल ने 20 दिन से जारी भूख हड़ताल गुरुवार सुबह खत्म कर दी है। इस दौरान मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, दादा भुसे और भाजपा नेता प्रसाद लाड भी मौजूद रहे। जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार को मांगों पर विचार के लिए 90 दिन का समय दिया है। जरांगे ने 29 अगस्त को जालना के अंतरवाली सराटी से भूख हड़ताल शुरू की थी।

उन्होंने 15 सितंबर को मुंबई के लिए मार्च शुरू किया था। 16 सितंबर को बीड के पाटोदा पहुंचने पर तबीयत बिगड़ने के कारण मार्च रोकना पड़ा। डॉक्टरों ने उनका ब्लड प्रेशर और शुगर कम होने के साथ डिहाइड्रेशन की जानकारी दी थी। जरांगे की मुख्य मांग मराठों को कुणबी वंशावली के आधार पर OBC आरक्षण देना है।

इसके साथ हैदराबाद, सतारा और बॉम्बे गजट लागू करने और पुराने कुणबी रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी शामिल है। मुंबई में प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली थी जरांगे ने अपनी मांगों को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन करने की योजना बनाई थी। मुंबई पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन का हवाला देते हुए इजाजत नहीं दी थी।

पुलिस ने 15 सितंबर को जरांगे को नोटिस देकर प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या, स्वयंसेवकों और वाहनों की जानकारी मांगी थी। पुलिस ने उनके लिखित आश्वासन और सार्वजनिक बयानों में विरोधाभास की बात भी कही थी। सरकार ने बातचीत की पेशकश की मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने जरांगे से आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा चर्चा और संवाद के जरिए सुलझाया जा सकता है। वहीं मंत्री आशीष शेलार ने भी जरांगे से आंदोलन टालने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार मराठा समुदाय से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर रही है। सरकार का दावा- 13 में से 12 मांगों पर कार्रवाई मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि सरकार ने मराठा प्रदर्शनकारियों की 13 में से 12 कानूनी रूप से वैध मांगों पर कार्रवाई की है।

वहीं जरांगे बाकी मांगों पर भी ठोस कार्रवाई चाहते हैं। जरांगे ने 2025 में भी किया था आंदोलन जरांगे इससे पहले अगस्त-सितंबर 2025 में मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर चुके हैं। उस समय सरकार के साथ बातचीत के बाद आंदोलन खत्म हुआ था और पात्र मराठों को कुणबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया श

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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