मशाल कार्यक्रम के प्रशिक्षण से विद्यालयों में निखरेगी खेल प्रतिभा, बच्चों के विकास पर जोर
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →विद्यालयों में पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से शनिवार को मशाल कार्यक्रम-2026 के तहत एक दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय मॉडल स्कूल प्लस टू उच्च विद्यालय के सभागार में किया गया।
इसमें प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मध्य विद्यालय, उत्क्रमित मध्य विद्यालय एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के चयनित शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ एचएम बालमुकुंद सिंह और प्रखंड लेखपाल दिनेश कुमार ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशिक्षण में वीणा कुमारी और कौशलेंद्र कुमार ने प्रशिक्षक के रूप में शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
बीईओ रामजन्म सिंह ने कहा कि बिहार शिक्षा परियोजना के निर्देश के आलोक में आयोजित प्रशिक्षण में मशाल कार्यक्रम के उद्देश्य, विद्यालय स्तर पर खेल गतिविधियों के संचालन तथा विद्यार्थियों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में सूची में शामिल कंप्यूटर शिक्षकों ने भी निर्धारित प्रशिक्षण में सहभागिता की।प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
नियमित रूप से खेल गतिविधियों में शामिल होने से विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, सहयोग की भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। इसके साथ ही खेल के माध्यम से बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। बीईओ ने कहा कि शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर खेल गतिविधियों को व्यवस्थित एवं नियमित तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षकों ने कहा कि विद्यालयों में खेल को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार उन्हें विभिन्न खेल गतिविधियों से जोड़कर उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए। इसके लिए शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण में खेल गतिविधियों के दौरान विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और प्रतिभावान बच्चों की पहचान करने पर विशेष जोर दिया गया।
एचएम बालमुकुंद सिंह ने कहा कि मशाल कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण सीधे तौर पर उपयोगी साबित होगा।
📡 स्रोत: NewsData.io