मतदाताओं के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त का संदेश
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बीकानेर में राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि पंचायती राज आम चुनाव-2026 में निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने स्वीप गतिविधियों और नशामुक्त चुनाव के प्रयासों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।
28 अक्टूबर,बीकानेर। पंचायती राज आम चुनाव-2026 में निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करना राज्य निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दूसरे चरण में चुनावी व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। यह बात राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बीकानेर में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक मतदाता बिना किसी भय, दबाव या अनुचित प्रभाव के स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके। पहले चरण के दौरान व्यवस्थाओं में सामने आई कमियों और छिटपुट घटनाओं का आकलन कर दूसरे चरण में उन्हें दूर करने को प्राथमिकता दी गई है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर
राजेश्वर सिंह ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं और प्रशासनिक निगरानी को प्रभावी बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से दूसरे चरण में व्यवस्थाओं को अधिक सुदृढ़ करने के प्रयास किए गए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके और मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक मतदाता का वोट महत्वपूर्ण है। इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि मतदाता निर्भीक होकर मतदान केंद्र तक पहुंचे और अपनी पसंद के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सके।
स्वीप गतिविधियों से मतदाता जागरूकता को बढ़ावा
बीकानेर में मतदाता जागरूकता के लिए किए गए नवाचारों की सराहना करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि स्वीप गतिविधियों का उद्देश्य आमजन को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें मतदान के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
उन्होंने निकाय चुनावों के दौरान आयोजित पाटा चौपालों और पंचायती राज चुनाव में आयोजित वोट बारात, मतदान का गरबा तथा वोट मैराथन जैसी गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के नवाचार आमजन तक मतदान का संदेश पहुंचाने और लोकतंत्र के प्रति सहभागिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पहली बार प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशालाओं का आयोजन
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पहली बार प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं के माध्यम से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को नामांकन प्रक्रिया सहित निर्वाचन से जुड़े विभिन्न नियमों और प्रावधानों की जानकारी दी गई। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य प्रत्याशियों को चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराना और उन्हें निर्धारित नियमों के अनुरूप निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए तैयार करना है। इससे प्रत्याशियों को नामांकन और चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।
नशामुक्त चुनाव और जिम्मेदार मतदान पर जोर
राजेश्वर सिंह ने कहा कि मतदाताओं को जागरूक और सजग बनाना जरूरी है, ताकि वे किसी भी तरह के बहकावे या अनुचित प्रभाव में आए बिना विवेकपूर्ण निर्णय ले सकें। मतदाता जागरूकता के साथ चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। नशामुक्त चुनाव के प्रयासों को बढ़ावा देने के साथ मतदाताओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना आयोग के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने स्वतंत्र मतदान के माहौल को मजबूत बनाने और आमजन को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया।
भयमुक्त मतदान से मजबूत होगा लोकतंत्र राज्य निर्वाचन आयोग का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ प्रत्येक मतदाता को स्वतंत्र रूप से मतदान का अवसर उपलब्ध कराना है। पहले चरण के अनुभवों के आधार पर दूसरे चरण में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
राजेश्वर सिंह ने मतदाताओं से जागरूक और सजग होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने का संदेश दिया। निष्पक्ष चुनाव, प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था और व्यापक मतदाता जागरूकता के माध्यम से पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।